ओवरलोड 144 ट्रांसफार्मरों के साथ लगेंगे एक-एक और ट्रांसफार्मर

कानपुर में ओवरलोडिंग की वजह से हांफ रहे 144 ट्रांसफार्मरों को 250 किलोवॉट के ट्रांसफार्मर का अतिरिक्त सहारा मिलेगा। यह काम बिजनेस प्लान के अंतर्गत मार्च से शुरू हो जाएगा। सब स्टेशनों के हिसाब से अधिक भार क्षमता वाले मोहल्ले पहले ही चिह्नित कर लिए गए हैं। इससे लोगों को बिजली कटौती की समस्या से नहीं जूझना पड़ेगा।

मार्च के बाद से घरों में पंखे, एसी, कूलर आदि चलने शुरू हो जाते हैं, जिसकी वजह से ट्रांसफार्मर पर लोड बढ़ जाता है। यह समस्या तापमान में इजाफा होने के साथ और विकराल रूप ले लेती है। नतीजा ट्रांसफार्मर फुंकने, केबल में फॉल्ट या फीडर में गड़बड़ी के रूप में सामने आता है।

इस दिक्कत से निपटने के लिए केस्को एमडी ने सभी सब स्टेशनों की मॉनीटरिंग कराई, जिसमें 144 ट्रांसफार्मर अभी से ओवरलोड पाए गए हैं। यहां सर्दियों में ही लोड 80 फीसदी या उससे अधिक है। इन ट्रांसफार्मरों पर गर्मियों में भार क्षमता और अधिक बढ़ने की संभावना है। इससे निपटने की रूपरेखा तैयार कर ली गई है।


250 केवीए क्षमता वाले ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे
शहर में 400 केवीए का नया ट्रांसफार्मर नहीं लगाया जाएगा। अगर कहीं 400 केवीए का ट्रांसफार्मर है और उस पर अधिक लोड आ रहा है तो उसके साथ 250 केवीए का दूसरा ट्रांसफार्मर लगेगा। 100 केवीएम क्षमता वाले ट्रांसफार्मर की जगह 250 केवीए क्षमता वाले ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे।


आरडीएसएस स्कीम में शामिल करने के लिए किया था निर्देशित
मीडिया प्रभारी श्रीकांत रंगीला के मुताबिक, बिजनेस प्लान 40 करोड़ रुपये का है। इसमें निर्धारित कार्यों के प्रस्ताव को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की बैठक में पहले से चल रही आरडीएसएस स्कीम में शामिल करने के लिए निर्देशित किया गया था। अब नए सिरे से प्लान बन गया है, जिसमें ओवरलोडिंग ट्रांसफार्मर के साथ नए ट्रांसफार्मर लगाने की तैयारी है।


इन सबस्टेशनों के ट्रांसफार्मरों पर लोड

सबस्टेशन ट्रांसफार्मर
जरीबचौकी18
कल्याणपुर 14
बर्रा विश्व बैंक13
नौबस्ता  09
विकास नगर 08
बिजली घर07
आलू मंडी 06
फूलबाग  04

बदले जाएंगे एलटी सर्किट और जर्जर तार
फॉल्ट और शार्ट सर्किट की समस्या को दूर करने का फुलप्रूफ प्लान बनाया गया है। इस बार ट्रांसफार्मर के साथ ही अर्थिंग, एलटी सर्किट, डीयो फ्यूज, जर्जर तार बदले जाएंगे। यह सभी कार्य बिजनेस प्लान के अंतर्गत किए जाएंगे, जबकि कुछ कार्य आरडीएसएस स्कीम के तहत शुरू हो गए हैं। आरडीएसएस स्कीम केंद्र सरकार की स्कीम है।

तारों के नीचे की जाएगी गार्डिंग
केस्को भीड़भाड़ वाले क्षेत्र, धार्मिक स्थलों, स्कूलों के आसपास तारों के नीचे गार्डिंग करेगा। इसके बाद शार्ट सर्किट होने पर तार टूटकर जमीन पर नहीं गिरेगा और आग लगने का खतरा न के बराबर हो जाएगा। यह गार्डिंग अभी सड़क और चौराहों पर की जाती है। यह तारों का एक तरह से जाल बनाया जाता है।

केस्को ने गर्मियों के लिए बेहतरीन होमवर्क किया है। इस बार शहरवासियों को बिजली के संकट से परेशान नहीं होना पड़ेगा। कई मोहल्लों के 80 फीसदी ओवरलोड ट्रांसफार्मरों को नए 250 केवीए क्षमता के ट्रांसफार्मरों से बदला जाएगा।  -सैमुअल पॉल एन, केस्को एमडी

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