मेरठ : विदेशों की तर्ज पर डोर-टू-डोर बेचते थे गोमांस, 5 गिरफ्तार

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मेरठ। लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र की खुशहाल कालोनी में पुलिस ने छापा मारकर गोकशी पकड़ी। आरोपित ने पुलिस पर फाय¨रग भी की। पुलिस ने मुख्य आरोपित समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि आठ फरार हो गए। एक आरोपित को छुड़ाने पहुंचे भाजपा के पूर्व पार्षद को भी पुलिस ने हवालात में डाल दिया। आरोपित विदेशों की तर्ज पर गोमांस को पैक करके डोर-टू-डोर बेचते थे।मेरठ : विदेशों की तर्ज पर डोर-टू-डोर बेचते थे गोमांस, 5 गिरफ्तार

शनिवार तड़के मुखबिर की सूचना पर पुलिस खुशहाल कालोनी निवासी शहजाद मुल्ला के मकान पर दबिश देने पहुंची। पुलिस के मुताबिक, मकान की छत पर निगरानी कर रहीं दो महिलाओं ने पुलिस को देखते ही शोर मचा दिया, जिसके बाद शहजाद ने छत से पुलिस पर फाय¨रग कर दी और एक खाली प्लॉट में कूदकर भागने लगा। पुलिस ने घेराबंदी कर शहजाद को दबोच लिया और मकान की छत पर पहुंच गई, जहां तीन गायों को काटा जा रहा था। पुलिस को देखकर भागने का प्रयास कर रहे खुशहाल कालोनी निवासी आरिफ व आसिफ के अलावा श्यामनगर निवासी साकिब और मवाना के समद को भी पकड़ लिया। हालांकि, नौशाद, अजमल उर्फ अज्जू, सलमान, सादाब, मेहराज, नदीम, सुमैया व शहजाद की पत्नी गुलसबा फरार हो गई। मौके से करीब पांच कुंतल गोमांस, तीन फ्रिज, तीन ठेले और औजार बरामद किए गए।

इसके बाद साकिब के परिजन प्रहलाद नगर निवासी भाजपा के पूर्व पार्षद हरविंदर के आवास पहुंचे और पुलिस पर आरोप लगाया कि वह साकिब को फर्जी फंसा रही है। आरोपित को छुड़ाने के लिए पूर्व पार्षद थाने पहुंचे। इस दौरान उनकी थाना प्रभारी मोहम्मद असलम से नोकझोंक हो गई। मामला इतना बढ़ा कि पूर्व पार्षद को हवालात में डाल दिया गया। इसके बाद वार्ड 56 के पार्षद जितेंद्र पावा थाने पहुंचे और पुलिस को समझा-बुझाकर हरविंदर को हवालात से बाहर निकलवाया। पुलिस ने आरोपितों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है और फरार आरोपितों की तलाश में दबिश दी जा रही है। पॉलीथिन में पैक कर करते थे सप्लाई

पुलिस की मानें तो आरोपित विदेशों की तर्ज पर गोमांस सप्लाई करते थे। रात में गोवंश कटान करके मांस को धोकर पॉलीथिन में पैक करके फ्रिज में रख दिया जाता था। सुबह होते ही उसे घर-घर जाकर बेचा जाता था। घर पर यह सुविधा मिलने के कारण आरोपितों का धंधा काफी समय से फल-फूल रहा था। पूर्व पार्षद बोले- थर्ड डिग्री दी, तमाशबीन बने रहे सीओ

पूर्व पार्षद हरविंदर का कहना है कि वह कई दशक से जनसेवा में लगे हैं और 1987 में पार्षद रह चुके हैं। वह थाने में घटना की जानकारी लेने गए थे। आरोपित छोड़ने की सिफारिश का आरोप झूठा है। उन्होंने एसओ से जानकारी मांगी तो उनके साथ अभद्रता की गई। विरोध करने पर उन्हें कई पुलिसकर्मियों ने हवालात में डाल दिया और जमकर पीटा। उन्होंने थर्ड डिग्री देने का भी आरोप लगाया है। इस दौरान थाने में मौजूद सीओ कोतवाली दिनेश कुमार शुक्ला तमाशबीन बने रहे। कहा कि इन सभी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। अभी तक कहां थी पुलिस?

गोकशी पकड़कर पुलिस अब पीठ थपथपा रही है। दावा कर रही है कि काफी समय से यह धंधा चल रहा था। इस दावे पर गौर करें तो कहीं न कहीं यह पुलिस को संदेह के दायरे में खड़ा करता है। इतने दिन से गोकशी चल रही थी तो पुलिस कहां थी। घर-घर गोमांस पहुंचाया जाता रहा और खाकी को भनक तक नहीं लगी। लिसाड़ी गेट थाना प्रभारी मोहम्मद असलम ने बताया कि फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के प्रयास चल रहे हैं। पूर्व पार्षद एक आरोपित को छुड़ाने के लिए थाने पहुंचे थे। पुलिस से उन्होंने अभद्रता की थी, इसलिए उन्हें हवालात में डाला गया था। बाद में छोड़ दिया गया।

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