नई दिल्लीः हमारी धरती के अंदर करोड़ों रहस्य छिपे हुए हैं. वैज्ञानिकों ने हाल ही में एक ऐसे ही रहस्य का पता लगाया है, जिसपर पहली नजर में भरोसा करना मुश्किल है. पुख्ता प्रमाणों के आधार पर उनका कहना है कि इस धरती के गर्भ में अरबों टन हीरा छिपा हुआ है. वही हीरा, जो दुनिया की सबसे कीमती धातुओं में शुमार है. उनका दावा है कि ये हीरा धरती की सतह के 100 माइल यानी करीब 160 किमी नीचे हैं. ब्रिटिश अखबार इंडिपेंडेंट ने इस बारे में रिपोर्ट छापी है. वैज्ञानिकों का यह पूरा शोध Geochemistry, Geophysics, Geosystems नामक जर्नल में प्रकाशित हुआ है.इस देश में छिपा है अरबों टन हीरा, वैज्ञानिकों ने कुछ ऐसे उठाया इस राज़ से पर्दा

वैसे इस रिपोर्ट में वैज्ञानिकों ने यह भी कहा है कि इस हीरे का खनन संभव नहीं है. यानी इसका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता, क्योंकि अब तक दुनिया में ऐसी कोई तकनीक मौजूद नहीं जिससे कि धरती के भीतर इतनी गहराई तक खनन किया जा सके. मैसाच्युसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) के रिसर्चर डॉ. उलरिच फॉल और उनके साथियों ने इस पूरे शोध को अंजाम दिया है. उनका कहना है कि ये हीरे क्रेटोनिक चट्टानों के अंदर है. ये चट्टान धरती का सबसे पुराना हिस्सा है. ये चट्टाने 320 किमी के दायरे में फैली हुई है. डॉ. फॉल की टीम का कहना है कि इन चट्टानों में 1 से 2 फीसदी हीरे हैं.

भूकंप और सुनामी के बारे में शोध के दौरान पता चला

वैज्ञानिकों को इस हीरे के बारे में भूकंप और सुनामी के बारे में शोध के दौरान पता चला. शोध के दौरान वैज्ञानिकों को कुछ खास किस्म की ध्वनि तरंगें सुनाई दीं. इसके बारे में उन्होंने गहराई से छानबीन की तो पता चला किे ये ध्वनि तरंगे सामान्य नहीं हैं. डॉ. फॉल का कहना है कि दरअसल, हीरा कई मामले में खास होता है.

इसमें कई अहम धातुओं की तुलना में ध्वनि का वेग दोगुना होता है. इसी आधार पर उनकी टीम ने गहन शोध के बाद दावा किया कि क्रेटोनिक की चट्टानों से आ रही ध्वनि वहां पर अरबों टन हीरा होने के संकेत हैं. इसके अलावा उनकी टीम ने कई अन्य संकेतकों का अपने अध्ययन में मिलान किया. इस सभी संकेतनों के मिलान से ही उनकी टीम इस निष्कर्ष पर पहुंची कि वहां पर इतना बड़ा हीरे का भंडार है.