इस पर कैप्टन ने कहा ‘ नहीं मैं तुमको वहां जाने की इजाजत नहीं दे सकता। हम पहले ही अपने कई जवानों को खो चुके हैं। मैं तुमको खोना नहीं चाहता हूं। हरीश बहुत जख्मी है और उसका बचना मुश्किल है।’ कैप्टन की बात सुनकर सुनील चुप बैठ जाता है। तभी फिर से हरीश की आवाज आती है कि ‘ मेरी मदद करो। ‘

मानसून की मस्ती के लिए बेस्ट हैं ये जगह, प्लानिंग से पहले जान लीजिए खास बातें

इस बार सुनील से रहा नहीं गया और उसने कैप्टन से कहा कि ‘जो भी हो मैं हरीश की मदद जरूर करूंगा।’ सुनील की बात सुनकर कैप्टन ने उसको जाने की इजाजत दे दी। सुनील अंधेरी खंदकों से निकलता हुआ गया और हरीश को अपनी खंदक में ले आया। जब पता चला कि हरीश तो पहले ही शहीद हो चुकी है, तो कैप्टन को बहुत गुस्सा आया और उसने चिल्लाकर कहा कि ‘ मैंने तुम्हें पहले ही कहा था कि वह मर चुका है इसके बावजूद तुम वहां गए। तुमने बहुत बड़ी गलती की। ‘

सुनील ने कैप्टन से कहा कि ‘ नहीं कैप्टन, जब मैं वहां गया तब सुनील जिंदा था और उसने कहा कि मुझे पता था तुम जरूर आओगे। ‘