B,day Spcl: 40 साल के हुए भारत के तेज़ गेंदबाज़ ज़हीर ख़ान, जानें उनके बारे में अनसुनी बातें…
7 अक्टूबर 1978 को भारत के तेज़ गेंदबाज़ ज़हीर ख़ान का जन्म हुआ था. ज़हीर ख़ान के रूप में भारत का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाली टीमों को जवाब था कि हमारे देश में भी तेज़ गेंदबाज़ होते हैं. भारत के टेस्ट इतिहास के दूसरे सबसे सफल गेंदबाज़ ज़हीर ख़ान 21वीं सदी में टीम में गेंदबाज़ी को लीड कर रहे थे. विश्व कप 2011 की जीत में ज़हीर ख़ान ने लाजवाब गेंदबाज़ी की थी. आइए ज़हीर के 40वें जन्मदिन पर उनके के बारे में कुछ ज़रूरी फैक्ट्स जान लेते हैं.
ज़हीर का जन्म एक मध्यम वर्गीय परिवार में श्रीरामपुर में हुआ था.
हीर के पिता फोटोग्राफर और मां टीचर थीं. स्कूल ख़त्म होने के बाद ज़हीर ने मेकैनिकल इंजीनियरिंग डिग्री कोर्स में दाखिला लिया. लेकिन अपने कोच की सलाह पर उन्होंने इंजीनियरिंग की जगह क्रिकेट में ज़्यादा ध्यान लगाया. बावजूद इसके कि ज़हीर हमेशा से पढ़ाई में भी काफी होशियार थे.
ज़हीर के पास ग़ज़ब की प्रतिभा थी. ज़हीर की प्रतिभा को देखते हुए 17 साल की उम्र में उनके पिता उन्हें मुंबई ले आए. शिवाजी पार्क जिमखाना के खिलाफ फाइनल में लिए गए 7 विकेटों ने ज़हीर को सुर्खियों में ला दिया. जिसके बाद उन्हें मुंबई और वेस्ट ज़ोन की अंडर-19 टीम में चुन लिया गया. इसके बाद ज़हीर को एमआरएफ पेस फाउंडेशन में कोचिंग मिली जहां कोच डेनिल लिली ने कहा ये लड़का एक दिन भारत के लिए गेंदबाज़ी करेगा.
ज़हीर ख़ान भारत की ओर से सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़ों की लिस्ट में चौथे पायदान पर हैं. उनसे आगे केवल अनिल कुंबले (619), कपिल देव (437) और हरभजन सिंह (411) हैं.
अगर भारत की ओर से तेज़ गेंदबाज़ों की बात की जाए तो ज़हीर ख़ान दूसरे नंबर पर आते हैं. 311 टेस्ट विकेट लेने वाले ज़हीर से आगे सिर्फ महान ऑलराउंडर कपिल देव हैं जिन्होंने 434 विकेट लिए हैं.
जब बात बाएं हाथ के बल्लेबाज़ों को गेंदबाज़ी करने की हो, तो ज़हीर लाजवाब साबित होते थे. ज़हीर ने 237 बार बाएं हाथ के बल्लेबाज़ों को आउट किया. इस लिस्ट में वह तीसरे नंबर पर रहे. श्रीलंका के दिग्गज स्पिनर मुथैया मुरलीधरन (325) और शॉन पोलक (252) इस लिस्ट में उनसे आगे हैं.
ज़हीर ने साउथ अफ्रीका के पूर्व कप्तान ग्रेम स्मिथ, श्रीलंकाई दिग्गज कुमार संगकारा और सनथ जयसूर्या और ऑस्ट्रेलियाई सलामी बल्लेबाज़ रहे मैथ्यू हेडन को टेस्ट करियर में 10 से ज़्यादा बार आउट किया.
अपने करियर में जहीर खान एक मंझे हुए बल्लेबाज़ भी रहे हैं. अपने 12वें वनडे मुकाबले में ज़हीर ने हेनरी ओलांगा की चार गेंदों में चार छक्के लगाए थे. 2004 में बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट में 11वें नंबर पर बल्लेबाज़ी करते हुए ज़हीर ने 75 रन बनाए थे. जो कि वो स्कोर उस समय का 11वें नंबर के बल्लेबाज़ द्वारा बनाया गया सर्वोच्च स्कोर था जिसे बाद में वेस्टइंडीज़ के टीनो बेस्ट ने तोड़ दिया था. उसी पारी में ज़हीर ने 10वें विकेट के लिए सचिन तेंदुलकर के साथ 133 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी की, जो कि अभी तोड़ा जाना बाकी है.
ज़हीर ने विश्व कप में शानदार प्रदर्शन किया. 2003 और 2011 उनके लिए शानदार रहे. 2003 में टीम इंडिया उपविजेता रही और 2011 में भारतीय टीम ने विश्व खिताब पर कब्ज़ा किया. विश्व कप इतिहास में ज़हीर ने कुल 44 विकेट लिए. विश्व कप में सबसे ज़्यादा विकेट लेने वालों में वह पांचवें पायदान पर रहे और भारतीयों में सबसे आगे.
ज़हीर को उनकी टीम के साथी खिलाड़ी ज़ैक के नाम से पुकारते थे. जब वह काउंटी में वॉस्टरशायर की टीम से खेल रहे थे उस दैरान उन्हें ये निक नेम ‘जिप्पी जैकी’ मिला था.
ज़हीर ने 2012 अगस्त के बाद भारत के लिए कोई मैच नहीं खेला. ज़हीर को 2011 में इंग्लैंड दौरे के लिए टीम में चुना गया लेकिन चोट के कारण ज़हीर को पहले टेस्ट के बाद सीरीज़ से हटना पड़ा. दिसंबर 2013 में ज़हीर 300 विकेट लेने वाले दूसरे भारतीय तेज़ गेंदबाज़ बने. ज़हीर ने दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज़ जाक कैलिस को अपना 300वां शिकार बनाया.
ज़हीर अब तक 610 अंतरराष्ट्रीय विकेट ले चुके हैं. ज़हीर ने टेस्ट में 311 विकेट, वनडे मुकाबलों में 282 और टी-20 में 17 विकेट लिए हैं. ज़हीर के नाम प्रथम श्रेणी मैचों में 652 विकेट हैं. लिस्ट-ए करियर में उनके नाम 357 और घरेलू टी-20 मुकाबलों में 119 विकेट हासिल किए हैं.





