राज्य में दूध की आपूर्ति प्रभावित, सहकारी दूध संकलन में भारी कमी

मुंबई.राज्य में किसानों की हड़ताल के कारण सबसे ज्यादा असर दूध की आपूर्ति पर पड़ा है। किसान सहकारी संघों पर दूध नहीं बेच रहे हैं। इस कारण सरकारी और सहकारी दूध संकलन में भारी कमी आई है। हड़ताल का सबसे बड़ा झटका नाशिक विभाग में लगा है। नाशिक विभाग में 1 जून को 31 मई की तुलना में 79 प्रतिशत कम दूध एकत्र हुआ।
राज्य में दूध की आपूर्ति प्रभावित, सहकारी दूध संकलन में भारी कमी
 
शुक्रवार को राज्य के दुग्ध विकास विभाग के अधिकारी ने बताया कि राज्यभर में 31 मई के मुकाबले 1 जून को 28.39 प्रतिशत दूध का संकलन कम हुआ। अधिकारी ने बताया कि औरंगाबाद विभाग में 27 प्रतिशत और पुणे विभाग में 20 प्रतिशत सहकारी दूध कम आया है। नागपुर और अमरावती विभाग में सहकारी दूध संकलन पर कोई असर नहीं पड़ा।

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अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार को राज्य भर में लगभग दूध की आपूर्ति में करीब 40 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गई है।
 
राज्य में दूध का गणित
– प्रदेश में दूध का कुल उत्पादन 1 करोड़ 19 लाख लीटर (प्रति दिन)
– मुंबई में दूध की खपत लगभग 55 लाख लीटर
– राज्य में दूध के व्यवसाय में सरकार की हिस्सेदारी: केवल एक प्रतिशत
– प्रदेश में 99 प्रतिशत दूध के व्यवसाय पर निजी कंपनियों का कब्जा
जानकर राज्य से नदारद
हड़ताल के कारण राज्य में दूध की आवक में लगातार कमी हो रही है। किसान सड़कों पर दूध बहा रहे हैं। ऐसी स्थिति में राज्य के दुग्ध विकास मंत्री महादेव जानकर राज्य से बाहर हैं। दो दिनों से मंत्रालय में नहीं आ रहे हैं। जानकर के कार्यालय के मुताबिक वे बेंगलुरू गए हैं। जानकर 5 जून को वापस लौटने वाले हैं।
 
विभाग वार आंकड़े
विभाग- 31 मई- 1 जून (लाख ली. में)
नाशिक विभाग- 5.35- 1.10 (सहकारी)
औरंगाबाद विभाग- 1.84- 1.34
पुणे विभाग- 30.651- 24.414
राज्य भर में- 38.69- 27.7
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