भीषण गर्मी से बेहाल बरेली वासियों को मिलेगी राहत, बारिश का यलो अलर्ट जारी

बरेली समेत आसपास के जिलों में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से मौसम में बदलाव आया है। जल्द ही भीषण गर्मी से लोगों को राहत मिल सकती है। मौसम विभाग ने तीन दिन तक बारिश का यलो अलर्ट जारी है।

बरेली में चटक धूप और भीषण गर्मी झेल रहे शहरवासियों के लिए राहत भरी खबर है। मौसम विभाग ने तीन दिनों के लिए जिले में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान बादल मंडराते रहेंगे। तेज हवा चलने के आसार हैं। जिले के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। फिलहाल, चार मई तक मौसम का मिजाज सामान्य रहने और तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है।

बीते तीन दिनों से गिरा तापमान
बीते सप्ताह से भीषण गर्मी हो रही है। तापमान 40 डिग्री सेल्यिस के पार पहुंच गया था। हालांकि बीते तीन दिनों में जिले के अधिकतम तापमान में 3.9 डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई है। हालांकि, न्यूनतम तापमान में 1.7 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने के कारण रात में उमस ने लोगों की बेचैनी बढ़ा दी है।

पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय
मौसम विशेषज्ञ अतुल कुमार सिंह ने बताया कि बरेली समेत आसपास के जिलों में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से मौसम में परिवर्तन आया है। उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम ने करवट ली है। मंगलवार को जिले का अधिकतम तापमान 37.3 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। बुधवार को गरज-चमक के साथ बारिश के आसार हैं।

डायरिया का प्रकोप, तीस बेड के वार्ड में 33 बच्चों का चल रहा इलाज
बच्चों की सेहत पर मौसम का प्रतिकूल असर दिखने लगा है। जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में मरीजों की संख्या में अचानक हुए इजाफे ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। मंगलवार को 30 बेड की क्षमता वाले वार्ड में 33 बच्चों को भर्ती करना पड़ा।

बेड कम पड़ने के कारण अस्पताल प्रशासन को अतिरिक्त व्यवस्थाएं जुटानी पड़ीं, ताकि मरीजों का उपचार प्रभावित न हो। वार्ड में भर्ती अधिकतर मासूम उल्टी, पेट दर्द और डायरिया जैसी गंभीर समस्याओं से पीड़ित रहे। दिनभर उपचार के बाद स्वास्थ्य में सुधार होने पर कुछ बच्चों को अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गई।

जिला अस्पताल के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. करमेंद्र ने बताया कि मौसम में हो रहा बदलाव बच्चों के स्वास्थ्य के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। बच्चों को धूप और लू के सीधे प्रभाव से बचाकर रखें। उन्हें केवल ताजा व साफ-सुथरा भोजन ही दें। शरीर में पानी का स्तर बनाए रखने के लिए बच्चों को ओआरएस का घोल पिलाते रहें, ताकि डिहाइड्रेशन जैसी स्थिति से बचा जा सके।

दवा के लिए करना पड़ा इंतजार
जिला अस्पताल की ओपीडी में मंगलवार को भी मरीजों की भीड़ रही। फिजिशियन डॉ. राहुल बाजपेयी ने बताया कि सबसे ज्यादा मरीज उल्टी, दस्त, पेट दर्द, वायरल फीवर, डायरिया के रहे। मरीजों को दवा लेने के लिए चिलचिलाती धूप में काउंटर पर घंटों इंतजार करना पड़ा।

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