नौकरियों में दखल देने को तैयार हैं रोबोट!

जाrobot-jobs-16-09-2015-1442396657_storyimageपान के एक होटल के रिसेप्शन पर लोगों से अंग्रेजी में बातें करती रिसेप्शनिस्ट दिखाई देती है। वह आगंतुकों के हर सवाल का जवाब देती है। पर यह इंसान नहीं रोबोट है। उसकी आंखें हरकत करती हैं, बाल चमकते हैं, बिल्कुल फिट यूनीफॉर्म में कुर्सी पर बैठी सुंदर चेहरे वाली ये महिला मुस्कुराती भी है।

नागासाकी के एक बड़े होटल में इस तरह की रोबोट रिसेप्शनिस्ट देखी जा सकती है। इतना नहीं क्लाक रूम रोबोट, रूम सर्विस रोबोट, सफाई करने वाले रोबोट की भी सेवाएं होटलों में ली जा रही हैं। पिछली गर्मियों खुले इस होटल में कई तरह की सेवाएं रोबोट से ली जा रही है।

दुनिया के कई देशों में रोबोट क्रांति हो रही है और कई तरह के काम रोबोट से लिए जा रहे हैं। ये रोबोट तो अब ब्रिटेन जैसे देश की अर्थव्यवस्था पर असर डालने लगे हैं। इसी हफ्ते डेलॉइट ने शोध प्रकाशित किया है जिसके मुताबिक रोबोट के कारण 35 फीसदी परंपरागत नौकरियों पर खतरा है। अगले 20 सालों में ये रोबोट बड़ी संख्या में इंसानों की जगह लेकर उनकी हमेशा के लिए छुट्टी कर देंगे। वहीं देश के कुछ हिस्सों में तो 60 फीसदी तक नौकरियां खतरे में हैं। टेलीफोन बिक्री करने वाले स्टाफ, टाइपिस्ट, बैंक क्लर्क, जैसी नौकरियों में रोबोट आ सकते हैं।

चिंता की बात नहीं : कई विशेषज्ञ मानते हैं कि चिंता की कोई बात नहीं है। पिछले कुछ सालों में इंसानों के लिए नए तरह की नौकरियों का सृजन हुआ है जो फिलहाल रोबोट नहीं कर सकते।

पत्रकारिता भी करेंगे
रोबोट खबरें लिखने का काम भी कर सकते हैं। शिकागो की एक कंपनी ने क्विल नामक सॉफ्टवेयर तैयार किया है जो बिजनेस और खेल की खबरों को बिना किसी मध्यस्तता की मदद के ही बना देता है।

नियोक्ताओं के पसंदीदा बने
रोबोट बीमार नहीं होते। वे लंच ब्रेक और छुट्टी भी नहीं मांगते। बिना थके लगातार काम करते हैं। साथ ही रोबोट के श्रम पर किया जाने वाला खर्च भी कम होता है और उत्पादकता बढ़ जाती है।

 
 
 

 

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