राफेल जेट विमान गेम चेंजर है, सुप्रीम कोर्ट ने दिया शानदार फैसला : वायुसेनाध्यक्ष

वायुसेना अध्यक्ष धनोआ ने सैन्य खरीदों के राजनीतिकरण पर चिंता जताते हुए सलाह दी कि इसके ही चलते सेना को बोफोर्स तोप हासिल करने में लंबा इंतजार करना पड़ा था। उन्होंने कहा, मैं निर्णय पर किसी तरह की टिप्पणी नहीं कर रहा हूं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने बेहतरीन निर्णय दिया। इस विमान की बहुत ज्यादा आवश्यकता है। धनोआ ने कहा, जहां तक तकनीक की बात है, तो राफेल एयरक्राफ्ट के खिलाफ कोई बहस नहीं है।
धनोआ मीडिया के साथ यहां रूस के साथ 21 दिसंबर तक चल रहे संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘एवियाइंद्रा-2018’ से इतर राफेल विवाद पर बात कर रहे थे। उन्होंने कहा, भारतीय वायुसेना ने यह पुष्टि कर ली है कि इस विमान में श्रेष्ठ प्रणाली लगी है। यह योजनाबद्ध खरीद पहले ही लंबा समय ले चुकी है और इस दौरान भारत के पड़ोसियों ने अपने रक्षा भंडार को अपग्रेड कर लिया है। धनोआ ने कहा, वर्तमान सामरिक परिदृश्य में हमें इस विमान की सख्त आवश्यकता है।
कीमत खोलने से लग सकता है क्षमता का अनुमान
एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ ने सरकार के उस अनुमान का समर्थन किया, जिसमें पूरी तरह तैयार विमान की कीमत का खुलासा करने पर दुश्मनों को उसकी क्षमताओं और उसमें लगी प्रणालियों का अनुमान लगने का दावा किया गया है। उन्होंने कहा, करदाताओं को यह जानने का है कि उनका पैसा कहां उपयोग किया गया, लेकिन भारतीय नियंत्रक व महालेखा परीक्षक (कैग) यह सुनिश्चित करने के लिए मौजूद हैं कि यह सही तरीके से खर्च किया गया।





