बुलंदशहर: भीड़ ने इंस्पेक्टर के सिर में मारी गोली, और फिर शव के साथ करते रहे ये काम…

गोहत्या के शक में हिंसक हुई भीड़ ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की सिर में गोली मारकर हत्या कर दी. गोली लगने के बाद भी भीड़ उन्हें पीटती रही. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि उनके बाईं आंख के पास गोली लगने मौत हुई. साथ ही उनके शरीर पर घुटने, कमर, कंधे और पीठ पर डंडों की मार के निशान पाए गए हैं.  

बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर भी पथराव किया. पुलिस को बचाव में गोलियां भी चलानी पड़ीं. इस बीच भीड़ ने पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह के सिर पर गोली मार दी. 

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एडीजी लॉ एंड ऑर्डर आनंद कुमार ने बताया कि इस घटना की जांच के लिए दो एसआईटी गठित की गई हैं. अब तक 7 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है.

बताया जा रहा है कि सुबोध कुमार ग्रेटर नोएडा में हुए अखलाक हत्याकांड की जांच में शामिल थे. वे 28 सितंबर 2015 से 9 नवंबर 2015 तक इस मामले में जांच अधिकारी रहे थे. 

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हिंसा भड़कने के पीछे उन्होंने बताया कि महान गांव के पूर्व प्रधान ने खेत में गोवंश के कथित अवशेष मिलने की जानकारी दी. पुलिस मौके पर पहुंच कर कार्रवाई कर रही थी कि हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने अवशेषों को ट्रैक्टर ट्राली में भरकर पुलिस चौकी ले गए और हाईवे जाम कर दिया. 

उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले में एसआईटी जांच के आदेश दिए हैं. इसके अलावा एडीजी इंटेलिजेंस और मजिस्ट्रियल जांच भी होगी. सुबोध कुमार की मौत के मामले में एडीजी इंटेलिजेंस को 48 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं. 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि सुबोध कुमार के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी. 

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