बातचीत से पहले ही किसानों में पड़ी फूट,समिति दो फाड़, मंत्री बैठक से नदारद

मुंबई.सरकार से चर्चा से पहले ही किसानों में फूट पड़ गई है। किसान आंदोलन के लिए गठित संचालन (सुकाणु) समिति दो फाड़ हो गई है। समिति के कुछ सदस्यों ने मंत्री समूह के साथ बैठक में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया।
बातचीत से पहले ही किसानों में पड़ी फूट,समिति दो फाड़, मंत्री बैठक से नदारद
 
गौरतलब है कि 21 सदस्यों वाली समिति का गठन पांच दिन पहले ही हुआ था। इस बीच शनिवार को मुंबई में किसान आंदोलन संचालन समिति की बैठक हुई। बैठक में तय हुआ कि किसानों के 15 सदस्य राज्य सरकार द्व्रारा गठित उच्च स्तरीय मंत्री समूह के साथ रविवार को चर्चा करेंगे।

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यह बैठक दोपहर 1 बजे से सरकारी अतिथि गृह सहयाद्री में होगी। संचालन समिति की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में किसान नेता रघुनाथ पाटील ने कहा कि हम मंत्री समूह के साथ बातचीत करने के लिए तैयार हैं।
 
यदि इस बैठक का कोई नतीजा नहीं निकला तो महाराष्ट्र में भी मध्यप्रदेश जैसा तीव्र किसान आंदोलन शुरू होगा।
 
बैठक में संचालन समिति के सदस्य सांसद राजू शेट्‌टी, शेकाप विधायक जयंत पाटील, पूर्व न्यायमूर्ति बीजी कोलसे पाटील, डॉ. अजित नवले, नामदेव गावडे, प्रतिभा शिंदे व गणेश कदम शामिल हुए। जबकि डाॅ. गिरधर पाटील, अनिल धनवट, रामचंद्र बापू पाटील और डॉ. बुधाजीराव मुलीक ने बैठक में हिस्सा नहीं लिया।
 
शनिवार को मुंबई में इस समिति की बैठक बुलाई गई थी। लेकिन समिति के कई सदस्यों ने इस बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया। संचालन समिति में दो गुट तैयार हो गए हैं। एक गुट मंत्री समूह के साथ चर्चा करने को तैयार है जबकि दूसरा गुट इसके खिलाफ है।
 
समिति में सामूहिक निर्णय प्रक्रिया का अभाव: डा पाटील
समिति के सदस्य डा गिरधर पाटील ने कहा कि समिति में सामूहिक निर्णय प्रक्रिया का अभाव है। उन्होंने कहा कि संचालन समिति ने अब तक किसानों की वास्तविक मांगों पर फैसला नहीं किया है।
 
इन चीजों को अंतिम रुप दिए जाने से पहले मैंने सरकार के प्रतिनिधियों से बैठक के विचार का विरोध किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि संचालन समिति के कुछ सदस्यों ने अन्य सदस्यों से बिना परामर्श किए किसानों के मुद्दे पर अनशन की घोषणा की थी।
 
“मंत्री समूह के गठन को लेकर अंधकार में रखा गया’
किसानों की मांग के संदर्भ में चर्चा करने के लिए गठित उच्च स्तरीय मंत्री समूह के सदस्य और शिवसेना कोटे से मंत्री दिवाकर रावते ने आरोप लगाया कि उच्चाधिकार प्राप्त समिति के गठन को लेकर मुझे अंधकार में रखा गया। हालांकि भाजपा नेता व समिति के अध्यक्ष राजस्व मंत्री चंद्रकांत पाटील ने कहा कि मैंने खुद फोन करके रावते को रविवार को होने वाली समिति की पहली बैठक के लिए आमंत्रित किया था। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कर्ज माफी समेत किसानों की विभिन्न मांगों पaर गौर करने के लिए शुक्रवार को उच्चाधिकार प्राप्त मंत्री समूह के गठन की घोषणा की थी। रावते ने यहां संवाददाताओं से कहा कि मुझे किसानों के मुद्दे को देखने के लिए गठित इस मंत्री समूह में शामिल किए जाने के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। हमें अंधकार में रखा गया।
 
देशभर में तेज होगा किसान आंदोलन, 16 को चक्का जाम
किसान महासंघ के बैनर तले एकत्र हुए करीब 62 किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने शनिवार को यहां साझा बैठक कर किसान आंदोलन को देश के सभी हिस्सों में तेज करने का फैसला किया है। इसी क्रम में किसान संगठनों की ओर से यह तय किया गया कि मंदसौर में किसानों पर चली गोली और उनकी मौत के विरोध में 16 जून को देश के सभी राजमार्गों पर चक्का जाम किया जाएगा। राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ के अध्यक्ष शिवकुमार शर्मा की पहल पर यह बैठक बुलाई गई थी।
गांधी पीस फाउंडेशन में लगभग चार घंटे चली बैठक में सभी किसान नेताओं ने किसान आंदोलन को एक निर्णायक मोड़ तक पहुंचाने के फैसले के साथ सरकार के खिलाफ एक निंदा प्रस्ताव भी पारित किया। साथ ही यह भी तय किया गया कि देश भर के सभी किसान मांगे पूरी होने तक अपने हाथों में काली पट्‌टी धारण करेंगे और 11 से 15 जून तक अपने-अपने हिस्सों में रैली, धरना प्रदर्शन करेंगे।
इसके बाद 19 जून को फिर से किसान नेता दिल्ली में आपात बैठक कर आगे की रणनीति तय करेंगे।
मध्यप्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाया जाए : शर्मा
बैठक के बाद प्रेसवार्ता को संबोधित करते शिवकुमार शर्मा ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार असामाजिक तत्वों के हाथों में चली गई है। लिहाजा हमारी मांग है कि शिवराज सिंह सरकार को तत्काल बर्खास्त कर राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाया जाए। शर्मा ने भाजपा सरकार पर किसानों के साथ वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार बनने के बाद भाजपा किसानों से किए गए अपने वादों से मुकर गई है। किसानों ने भाजपा को वोट देकर बहुत बड़ी भूल की है।
जुलाई में हो सकते हैं मध्यावधि चुनाव : राऊत
भास्कर न्यूज . नाशिक . शिवसेना नेता सांसद संजय राऊत ने कहा है कि जुलाई में राज्य में मध्यावधि चुनाव हो सकते हैं। कहा कि जिस राज्य में किसान आत्महत्या कर रहे हों, वहां की सरकार किस काम की। किसान कर्जमाफी को लेकर अगले माह शिवसेना पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में आरपार की लड़ाई शुरू होगी।
13 को रेल रोको आंदोलन
अमरावती, विधायक बच्चू कडू ने शनिवार को कहा कि कर्जमाफी का फैसला किसानों के जख्मों पर मरहम भर है, स्थायी इलाज नहीं। किसानों की न्यायसंगत मांगों को लेकर सोमवार तक सरकार यदि उचित निर्णय नहीं लेती है तो मंगलवार (13 जून) को रेल रोको आंदोलन किया जाएगा।
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