धूम्रपान से फेफड़े ही नहीं, आँखें भी होती है खराब

एजेंसी/ अब तक जितने भी लोग धूम्रपान करते आये है या ना करने की सलाह देते है उन्हें बस इतना ही ज्ञान था कि धूम्रपान करने से मनुष्य के फेफड़ें ख़राब हो जाते है. लेकिन नेत्र रोग विशेषज्ञों की माने तो धूम्रपान केवल फेफड़ों को ही नहीं बल्कि आँखों को भी नुकसान पहुंचाता है.
सिगरेट में निकोटीन युक्त तंबाकू होता है. इसमें मौजूद कई ऑक्सीडेंट्स आंखों को नुकसान पहुंचाते हैं. धूम्रपान करने वालों के संपर्क में हमेशा रहने वाले लोगों को भी यही खतरा रहता है. कई बार धूम्रपान नहीं करने वालों की आंखें सिगरेट या बीड़ी के गुल से जल जाती हैं.
धूम्रपान करने वालों की आंखों को तंबाकू के जहरीले धुएं में मौजूद रसायनों से कंजक्टिवा के ग्लोबलेट सेल्स क्षतिग्रस्त हो सकते हैं, जिनके कारण आंख की सतह पर नमी बनी रहती है. इसी तरह धुएं में मौजूद कार्बन पार्टिकल्स पलकों पर जमा हो सकते हैं, इसके कारण आंखों की नमी और गीलापन खत्म हो सकता है. अगर यह लंबे समय तक बना रहे तो आंखों में खुजली होती है और नजर में धुंधलापन हो सकता है.





