तेज हवाओं के साथ एक बार फिर बढ़ी ‘चक्रवात महा’ की स्पीड, जारी हुआ भारी बारिश का अलर्ट

चक्रवात महा का असर अभी खत्म नहीं हुआ था कि अब चक्रवात बुलबुल का भी खतरा सामने आ गया है। यह अब ओडिशा के नजदीक आता जा रहा है। इसके चलते यहां सरकार हरकत में आ गई है। यहां 15 जिलों को अलर्ट पर रखा गया है। चक्रवात बुलबुल के अब अगले 24 घंटों के दौरान गंभीर साइक्लोनिक स्टॉर्म में तब्दील होने संभावना है। यह चक्रवात अगले 48 घंटों के दौरान उत्तर पश्चिम दिशा में चला जाएगा। राज्य सरकार ने ओडिशा के 15 जिलों को अलर्ट पर रखा है। इन जिलों में बालासोर, भद्रक, केंद्रपाड़ा, जगतसिंहपुर, गंजम, पुरी, गजपति, कालाहांडी, बौध, कंधमाल और मलकानगिरी जैसे राज्य के दक्षिण और उत्तरी तटीय जिले शामिल हैं। बुधवार को मौसम विभाग के अधिकारियों ने दो चक्रवातों के प्रभाव का अनुमान जताया था। गुजरात और महाराष्ट्र में चक्रवात महा के कारण बारिश होने की संभावना है, जबकि विकासशील चक्रवात बुलबुल संभवतः बंगाल और ओडिशा को प्रभावित करेगा।
‘बुलबुल से निपटने को केंद्र देगा हरसंभव मदद
ओडिशा व बंगाल में अगले 48 घंटे में चक्रवाती तूफान ‘बुलबुल कहर बरपा सकता है। गुरुवार को दिल्ली में पीएम नरेंद्र मोदी के प्रधान सचिव पीके मिश्रा ने उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में इससे निपटने की तैयारियों की समीक्षा की। इसमें राज्यों को हरसंभव मदद देने का वादा किया गया। बैठक में मौसम विभाग ने ‘बुलबुल से उत्पन्न् स्थिति की जानकारी दी।
ओडिशा में तेज हवाएं व भारी वर्षा के आसार
शुक्रवार को तटीय ओडिशा में ‘बुलबुल के असर से 70 से 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं और भारी वर्षा हो सकती है। ऐसी ही स्थिति शनिवार को बंगाल में बनने के आसार हैं। समुद्र में हलचल बढ़ने व खराब मौसम से मछुआरों को सतर्क कर दिया गया है।
ओडिशा व बंगाल में बरपा सकता है कहर
अरब सागर में उठा चक्रवाती तूफान ‘महा तट से टकराए बगैर की कमजोर पड़ गया। अब वह दबाव क्षेत्र में बदल गया है। उसके असर से राज्य के कई हिस्सों में बारिश हो रही है व दो दिन तक जारी रहेगी। इधर बंगाल की खाड़ी में उठा ‘बुलबुल चक्रवात शुक्रवार-शनिवार को ओडिशा व बंगाल में कहर बरपा सकता है। मौसम विभाग के अनुसार ‘महा ने बुधवार को तेजी से कमजोर पड़ना शुरू कर दिया था। यह पहले गहरे दबाव क्षेत्र और गुरुवार सुबह यह दबाव क्षेत्र में तब्दील हो गया। यह दबाव क्षेत्र गुरुवार दोपहर को गुजरात के वेरावल तट से करीब 100 किमी दूर स्थित था। यह पूर्व-उत्तर दिशा की ओर बढ़कर कमजोर होगा और कम दबाव क्षेत्र में बदल जाएगा। इसके असर से अगले दो दिनों तक गुजरात के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा होगी।
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सूरत के उमरपाड़ा में दो इंच वर्षा
‘महा के प्रभाव से गुरुवार सुबह से दोपहर के बीच खेड़ा जिले के थासरा तालुका व सूरत के उमरपाड़ा में दो इंच वर्षा दर्ज हुई। वहीं आणंद के अंकलाव व पंचमहाल के गोधरा में करीब एक-एक इंच वर्षा हुई।
NDRF की टीमों को कर रहे हैं तैनात
एनडीआरएफ के महानिदेशक एसएन प्रधान ने बताया है कि केंद्र शासित प्रदेश अंडमान और निकोबार द्वीप समूह अब साइक्लोन बुलबुल के प्रभाव से खतरे से बाहर है। तटीय ओडिशा और पश्चिम बंगाल में इसका प्रभाव दिखाई देगा। हम अहतियात के तौर पर इन दोनों राज्यों में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमें तैनात कर रहे हैं।
मौसम विभाग का अनुमान
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने जताया है कि चक्रवाती तूफान ‘बुलबुल’ बंगाल की पूर्व-मध्य खाड़ी पर, पारादीप, ओडिशा के दक्षिण-पूर्व में लगभग 680 किलोमीटर और सागर द्वीपों, पश्चिम बंगाल के 780 किमी दक्षिण-दक्षिणपूर्व में स्थित है। यह अगले 24 घंटों के दौरान भयानक रूप धारण कर सकता है। तूफ़ान बुलबुल के ओड़ीशा के पारादीप से 700 किलोमीटर दूर और पश्चिम बंगाल के सागर द्वीप से 800 किलोमीटर दूर है। भारत के इन दो राज्यों के अलावा बांग्लादेश भी बुलबुल के निशाने पर आ सकता है।
दिल्ली में बारिश की संभावना
प्रदूषण से जूझ रही राजधानी दिल्ली को बारिश के रूप में राहत मिलने की उम्मीद है। अनुमान है कि जल्द ही गुरुग्राम और पश्चिमी दिल्ली से बारिश शुरू होगी। स्कायमेट की फोरकास्ट के अनुसार, जनकपुरी, धौला कुआं, उत्तम नगर, जहांगीरपुरी, वजीराबाद, यमुना विहार, आईएसबीटी, कनॉट प्लेस, लोधी रोड, साकेत, महरौली, लक्ष्मीनगर, आनंद विहार, पटपड़गंज, मयूर विहार फेस 3 में बारिश हो सकती है। यदि बारिश होती है तो दिल्ली और NCR की हवाओं में घुला प्रदूषण साफ हो जाएगा और अगले कुछ दिनों तक दिल्ली-एनसीआर के लोगों को प्रदूषण से बड़ी राहत मिलेगी।





