झूलेलाल डेवलपर्स पर कसा शिकंजा, 36 करोड़ की संपत्ति जब्त

नागपुर. फर्जी दस्तावेजों और सरकारी कर्मचारियों-अधिकारियों की मिलीभगत से करोड़ों रुपए की संपत्ति को दूसरे के नाम करने का खेल हुआ है। शुक्रवार को अपराध शाखा के प्राॅपर्टी सेल ने झूलेलाल डेवलपर्स के भागीदारों के खिलाफ सख्त कदम उठाए। 36 करोड़ रुपए की अच-अचल संपत्ति जब्त की गई है। प्रकरण में दुय्यम निबंधक समेत नौ लोगों को आरोपी बनाया गया है। इसमें और भी गंभीर खुलासे होने की संभावना है।
झूलेलाल डेवलपर्स पर कसा शिकंजा, 36 करोड़ की संपत्ति जब्त
आरोपियों में झूलेलाल डेवलपर्स के भागीदार आेमप्रकाश बजाज, सुखदेव भागचंदानी, जयप्रकाश बजाज, सुरेश बजाज, दुय्यम निबंधक और नारा क्षेत्र के पटवारी हैं। मौजा नारा में झूलेलाल डेवलपर्स की नौ एकड़ जमीन है। झूलेलाल डेवलपर्स के भागीदारों में कभी शिकायतकर्ता रोशन जोधानी भी हुआ करते थे। वर्ष 2000 में सुखदेव की मदद से जयप्रकाश ने सभी भागीदारों की मिलकीयत की जमीन फर्जी दस्तावजों की मदद से अपने ही भाई ओमप्रकाश और सुरेश के नाम करा ली। जमीन की कीमत करीब 36 करोड़ रुपए आंकी गई है।

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इस बीच फर्जीवाड़े का पता चलते ही रोशन जोधानी ने अपने अन्य भागीदारों के खिलाफ पुलिस आयुक्त को शिकायत की थी। इसकी जांच अपराध शाखा के प्राॅपर्टी सेल को सौंपी गई थी। शिकायत में आरोपों के सही पाए जाने पर 16 मई को कोतवाली थाने में इसकी शिकायत भी दर्ज की गई थी। ओमप्रकाश और सुखदेव को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। वर्तमान में दोनों आरोपी जमानत पर हैं। जबकि अन्य आरोपियों के खिलाफ जांच चल रही है।
 
जांच के दौरान प्रकरण में दुय्यम निबंधक और मौजा नारा क्षेत्र के पटवारी भी लिप्तता पाई गई है। दरअसल उन्हीं की मदद से दस्तावेजों में गड़बड़ी कर जमीन नाम करने का आरोप है। शुक्रवार को प्राॅपर्टी सेल ने नौ एकड़ की 36 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्ति जब्त की है। पंद्रह दिन के अंदर प्राॅपर्टी सेल द्वारा इस तरह की संपत्ति जब्त करने का यह दूसरा मामला है। इसके पूर्व झाम बिल्डर पर भी िवभाग ने इसी तरह से लगाम कसी है।
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