जिम जाने वालों में क्यों बढ़ रहे हार्ट अटैक के मामले ?

टीवी एक्टर, ‘हिटलर कल्याण’ के जेके, और कई फिल्मों-सीरियल्स में एक्टर, डायरेक्टर और प्रोड्यूसर के तौर पर पहचान बनाने वाले दिलीप राज का हार्ट अटैक से निधन हो गया। कुछ महीने पहले इसी सीरियल के एक्टर राकेश की भी हार्ट अटैक से मौत हुई थी। पुनीत राजकुमार का भी कम उम्र में ऐसे ही निधन हुआ था।यह सिर्फ सेलेब्स की बात नहीं है। आजकल सोशल मीडिया खोलते ही RIP के मैसेज दिखते हैं। 40-50 साल से कम उम्र के लोग, खासकर जो जिम जाते हैं, उनकी हार्ट अटैक से मौत हो रही है। इसकी वजह क्या है ?

एक्सपर्ट बताते हैं कि जिम जाना समस्या नहीं है। लेकिन जब शरीर में प्रोटीन की जरूरत बढ़ती है, तो उसे उतनी ही मात्रा में माइक्रोन्यूट्रिएंट्स की भी जरूरत होती है। नवीन कुमार के मुताबिक, जिम जाने वाले ज्यादातर लोग यहीं गलती करते हैं।

जिम जाने वाले लोग रोज अपने शरीर पर दबाव डालते हैं। ज्यादा वर्कआउट करने से शरीर पर तनाव बढ़ता है। इस दौरान शरीर में कई हार्मोनल बदलाव होते हैं। नवीन कहते हैं कि इसका असर तुरंत पता नहीं चलता।

इन सब को संतुलित करने के लिए नींद सबसे जरूरी है। ज्यादातर लोग शरीर को आराम ही नहीं देते। माइक्रोन्यूट्रिएंट्स की कमी पूरी हुए बिना ही वे लगातार वर्कआउट करते रहते हैं। इसका मतलब है कि शरीर की डिमांड ज्यादा है और सप्लाई कम। जिम ट्रेनर के मुताबिक, बिना आराम के वर्कआउट करने से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।

जिम में दिए जाने वाले सप्लीमेंट्स पर भी कई बार बहस हो चुकी है। इन सप्लीमेंट्स में स्टेरॉयड की मात्रा ज्यादा होने के आरोप लगते रहे हैं, जो सेहत पर बुरा असर डालते हैं। मेडिकल फीलस से जुड़े विशेषज्ञ कहते हैं कि कुछ सर्टिफाइड सप्लीमेंट्स भी होते हैं, लोगों को उन पर ध्यान देना चाहिए।

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