करोड़ों की मालकिन अपनों को पुकारती हुई चली गई, वृद्ध आश्रम द्वारा हुआ देहदान; पढ़िये पूरी ख़बर

मध्यप्रदेश के विदिशा जिले में करोड़ों संपत्ति की मालकिन एक महिला की मौत हो गई। बताया जाता है कि महिला को कोई संतान नहीं थी। हालांकि, महिला द्वारा पूर्व में व्यक्त की गई इच्छानुसार उसका देहदान हुआ।
विदिशा के ग्राम ढोल खेड़ी इमलिया निवासी 72 वर्षीय शकुन बाई तिवारी 27 जुलाई 2023 को ग्राम के सरपंच और पुलिस प्रभारी द्वारा मरणासन्न अवस्था में वृद्ध आश्रम आई थी। हालांकि, वृद्धा के पास 100 बीघा जमीन और संपत्ति थी। जो उसके करीबी रिश्तेदारों ने उनके जीते जी धोखे से अपने नाम करवा ली थी। फिर भी उनके किसी भी परिजन ने वृद्धा की देखभाल और उनका हक दिलाने की जिम्मेदारी नहीं उठाई।
बता दें कि वह बीमार अवस्था में थी। आश्रम अध्यक्ष इंदिरा शर्मा, वेदप्रकाश शर्मा और उनकी टीम सेवा-सत्कार कर रही थी। शकुन बाई तिवारी अपनों से सताई हुई वह बदनसीब महिला थी, जिनकी कोई संतान नहीं थी। पति की मौत के बाद महिला अपने ही परिजनों की छलकपट से परेशान होकर वृद्ध आश्रम चली गई।
श्री हरि वृद्ध आश्रम में उनकी देखभाल और मान-सम्मान मिलने के बाद वे कुछ हद तक ठीक भी हो गई थी। फिर भी उनकी नजर उनके अपने परिजनों को ढूंढती रहती थी। परंतु कोई भी उनसे आश्रम में मिलने नहीं आया। उनकी बीमारी के चलते परिजनों को सूचना दी गई थी, तब उनकी देवरानी का बेटा नारायण शर्मा वृद्ध आश्रम आया था। उन्हें कुछ बाजार की दवा लाने भेजा तो वह फिर दोबारा वापस नहीं आया। उनका स्वास्थ्य अधिक बिगड़ने पर उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां सघन उपचार के चलते उनका देहांत हो गया।
शकुन तिवारी की अंतिम इच्छा अनुसार उनका देहदान शासकीय अटल बिहारी मेडिकल कालेज में किया गया। उनके परिजनों को सूचना देने पर भी वह नहीं पहुंचे। परिजनों के नाम पर उनकी देवरानी का बेटा नारायण शर्मा ने अस्पताल में पहुंचकर देहदान की और अपनी बड़ी मां की इच्छा अनुसार उनका देहदान किया। इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज के प्रध्यापक और छात्र सहित डीन सुनील नंदेश्वर ने श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर श्री हरि वृद्ध आश्रम अध्यक्ष इंदिरा शर्मा और वेदप्रकाश शर्मा सहित उनके समस्त स्टाफ मौजूद रहे।





