फेसबुक के 5.5 करोड़ उपभोक्‍ताओं के डेटा लीक मामला सामने आने के बाद यूजर्स को ये खबर परेशान करने वाली है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, भले ही ब्रिटिश कंसल्टिंग कंपनी कैंब्रिज एनलिटिका ये दावा करे कि यूजर्स का डेटा डिलीट कर दिया गया है, लेकिन डेटा का बहुत बड़ा हिस्‍सा अभी भी नियंत्रण से बाहर है और इसका दुरुपयोग हो सकता है. ब्रिटेन के चैनल 4 न्यूज की माने तो, ब्रिटिश कंपनी कैंब्रिज एनलिटिका के दावों के बावजूद कि उसने 5.5 करोड़ फेसबुक उपभोक्ताओं के डेटा डिलीट कर दिए हैं, डेटा का बहुत बड़ा भाग अभी भी कंट्रोल से बाहर है.

कैंब्रिज एनलिटिका के दावे पर रिपोर्ट

ब्रिटेन के ‘चैनल 4 न्यूज’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कैंब्रिज एनलिटिका के एक सूत्र के विवरण से अमेरिका के कोलोराडो राज्य के 136,000 लोगों के डेटा ‘हर व्यक्ति के व्यक्तित्व व मनोवैज्ञानिक प्रोफाइल के साथ गुप्त जगह पर हैं.’ रिपोर्ट में कहा गया है, ”कैंब्रिज एनलिटिका द्वारा 2014 की तारीख से डेटा का इस्तेमाल आसानी से प्रभावित होने वाले निवासियों को विशेष संदेश देने के लिए किया गया.” इससे पहले कैंब्रिज एनलिटिका ने दावा किया था कि उसने पब्लिक डोमेन से डेटा को खत्म कर दिया है. लेकिन चैनल 4 न्‍यूज का दावा है कि अभी भी ये डाटा सर्किुलेट हो रहा है.

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यूएस प्रेसिडेंट इलेक्‍शन में डेटा के असर का आरोप

कंपनी ने उपभोक्ताओं का डेटा एक फेसबुक एप से सालों पहले हासिल किया था, जिसे एक मनोवैज्ञानिक शोध उपकरण बताया गया था. हालांकि, कंपनी उस सूचना के लिए अधिकृत नहीं थी. कैंब्रिज एनलिटिका पर ब्रिटेन के 2016 के ब्रेक्सिट जनमत संग्रह और 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों के परिणाम पर असर डालने का आरोप है. अमेरिकी चुनाव परिणाम पर असर की वजह से डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस पहुंच गए.

क्रिस्टोफर वाइली ने स्‍वीकारा था कानून तोड़ना

ब्रिटिश संसद के समक्ष हाल में अपनी उपस्थिति के दौरान पूर्व कैंब्रिज एनलिटिका के प्रोग्रामर क्रिस्टोफर वाइली ने यह कहकर स्तब्ध कर दिया कि निसंदेह उनके पूर्व नियोक्ता ने ब्रेक्सिट जनमत संग्रह में और 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में गड़बड़ी की और कानून को तोड़ा.