17 मार्च शनि अमावस्या पर बना महासंयोग, करें इनमें से कोई भी 1 उपाय, रातोरात खुलेगा आपके किस्मत का ताला

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नवरात्री से एक दिन पहले चमतकारी अमावस्या आ रही है इस दिन आप जो भी उपाय करेंगे उनसे आपके दोष दूर होते है |17 मार्च शनिवार को मोक्षदायिनी अमावस्या है और ये शुभ दिन शनिवार को आने के कारण श्री अमावस्या कहलाने वाला है. शनिदेव हर व्यक्ति के जीवन पर बहुत ही बड़ा प्रभाव डालते है. एक मनुष्य के जीवन में 4 बार शनि की साढ़ेसाती है कहते है कोई भी चौथी साढ़ेसाती में मृत्यु तय है वो इंसान तो बचता नही है और 2 बार धैया आती है 19 साल की महादशा प्रत्येक मनुष्य के जीवन में शनि की ही रहती है. लगभग 31 साल तक हर एक इंसान शनि के अच्छे और बुरे प्रभाव को झेलता है

कल चैत्र कृष्ण पक्ष 17 मार्च को क्षदायिनी, पुण्यदायिनी शनि अमावस्या पड़ रही है। शनिवार को पड़ने वाली अमावस्या को शनैश्चरी अमावस्या कहा जाता है। इस संयोग के के कारण इस दिन भगवान शनि को खुश करने के लिए अच्छा माना जाता है। जिस किसी के ऊपर शनि की साढ़ेसाती या फिर ढैय्या चल रही होती है कुछ उपाय करने से उसका प्रभाव कम हो जाता है

आज हम आपको बतायेंगे शनिदेव को प्रसन्न करने के छोटे-छोटे ऐसे उपाय जिनको करने से आपको तुरंत फल की प्राप्ति होती है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि किसी भी अमावस्या पर दान का बहुत ज्यादा महत्व होता है. दान आप किसी भी काली चीज का कर सकते है काले कपड़ो का या फिर काले छाते का भी किया जा सकता है ये आपके लिए बहुत ही फायदेजनक होता है. अमवस्या के दिन आपको हर जगह पर सफाई करनी है फिर चाहे वह आपका घर हो या फिर ऑफिस हो.

घर पर आप अच्छे से सफाई करे और मुख्य द्वार पर सरसों के तेल का दीपक जलाये और आप देखेंगे आपकी जितनी भी नेगेटिव एनर्जी है वो उस दिन जलकर खाक हो जाती है. अपने पहने हुए जूते चप्पल आप किसी को दान करते है तो ये भी आपके लिए बहुत लाभदायक होता है.

अचूक उपाय : किसी पवित्र नदी, तीर्थस्थान या महाराष्ट्र के शिंगणापुर के शनि मंदिर में स्नान करें और गणेश पूजन, विष्णु पूजन, पीपल का पूजन इस प्रकार करें। पीपल पर जल चढ़ाएं, पंचामृत चढ़ाकर गंगाजल से स्नान कराएं, रोली लपेट कर जनेऊ अर्पण करके पुष्प चढ़ाएं और नैवेद्य का भोग लगाकर नमस्कार करें। इसके बाद पीपल की सात परिक्रमा शनि के बीज मंत्र का जाप करते हुए करें और पीपल पर सात बार कच्चा सूत बांधें।

दान वस्तु:
भैंसे या घोड़े को चने खिलाएं और एक काली किनारी वाली धोती-कुर्ता, उड़द के पकौड़े, इमरती, काले गुलाबजामन, छत्तरी तथा चिमटा आदि वस्तुओं का शनि मंदिर के पुजारी को दान देना चाहिए। शनि से पीड़ित जातक शनि यंत्र धारण करें तथा काला वस्त्र एवं नारियल को तेल लगाकर, काले तिल, उड़द की दाल, घी आदि वस्तुएं अंधविद्यालय, अनाथालय या वृद्धाश्रम में दान करें।

शनि प्रकोप एवं संतान से पीड़ित जातक को उड़द की दाल के पकौड़े, काले गुलाबजामुन एवं इमरती 101 कुत्तों एवं कौओं को खिलाने चाहिएं। काली गाय का दान करने से पितृ दोष से पीड़ित जातकों की 7 पीढ़ियों का उद्धार होता है।

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