चीन के और करीब हुए नेपाल ने भारत को दिया झटका, सैन्य अभ्यास से हटा

कभी भारत और नेपाल के बीच गहरी दोस्ती हुआ करती थी और इसकी मिसाल दी जाती थी, लेकिन अब इस दोस्ती में दरार पड़ती जा रही है. चीन के साथ समुद्री और जमीनी पोर्ट का इस्तेमाल करने पर सहमति बनने के बाद नेपाल ने भारत में होने वालेबिम्सटेक के पहले सैन्य अभ्यास से हटने का फैसला लिया है.

बे ऑफ बंगाल इनीशिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टोरल टेक्निकल एंड इकनॉमिक को-ऑपरेशन (बिम्सटेक) एक क्षेत्रीय संगठन हैं जिसमें भारत, म्यांमा, श्रीलंका, थाइलैंड, भूटान और नेपाल सदस्य देशों के तौर पर शामिल हैं. इसका गठन 1997 में किया गया था. बिम्सटेक में शामिल देशों को आज सोमवार से पुणे में होने वाले सैन्य अभ्यास में हिस्सा लेना था, लेकिन अब नेपाल इसमें शामिल नहीं हो रहा.

हटने का कारण साफ नहीं

सभी 7 सदस्य देशों की थलसेनाएं 6 दिवसीय अभ्यास के लिए 30-30 सदस्यों का अपना दस्ता भेजने पर सहमत हुई थीं. यह कार्यक्रम उस वक्त विवादों से घिर गया जब अभ्यास में हिस्सा लेने का फैसला करने से पहले राजनयिक या राजनीतिक स्तर पर कोई सहमति कायम नहीं की गई.

भारतीय अरबपति ने बेटी की खातिर नियुक्त किए 12 नौकर, गेट खोलने के लिए अलग से आदमी

प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने राष्ट्रीय रक्षा बल से कहा कि वह अभ्यास में हिस्सा नहीं लें. उन्होंने कहा कि नेपाल बिम्सटेक संयुक्त सैन्य अभ्यास में हिस्सा नहीं लेगा. यह सरकार का आधिकारिक बयान है. हालांकि उन्होंने सैन्य अभ्यास से हटने के कारणों का खुलासा नहीं किया.

प्रधानमंत्री के निर्देश के बाद नेपाली सैन्य नेतृत्व को भारत की पहल पर बनाए गए क्षेत्रीय समूह बिम्सटेक के पहले सैन्य अभ्यास से अपने कदम पीछे खींचने पड़ गया.

हालांकि कहा जा रहा है कि राजनीतिक विवाद के बाद नेपाली सेना ने भारत में होने जा रहे बिम्सटेक के पहले सैन्य अभ्यास में हिस्सा नहीं लेने का फैसला किया. शनिवार को मीडिया में आई खबरों में कहा गया कि बिम्सटेक देशों के सैन्य अभ्यास में नेपाली सेना के शामिल होने को लेकर देश में राजनीतिक विवाद पैदा हो गया था, जिसके बाद यह निर्णय किया गया.

‘काठमांडो पोस्ट’ की खबर के मुताबिक, यह फैसला ऐसे समय में किया गया जब चंद घंटों के अंदर नेपाली सेना का एक दस्ता पुणे रवाना होने वाला था. सोमवार से पुणे में ही बिम्सटेक देशों का सैन्य अभ्यास शुरू हो रहा है जो 16 सितंबर तक चलेगा.

सरकार का नेपाली सेना को निर्देश

सत्ताधारी नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के प्रभावशाली नेताओं सहित अलग-अलग हलकों से कड़ी आलोचना के बाद सरकार ने यह फैसला किया. अखबार ने ओली के प्रेस सलाहकार कुंदन आर्याल के हवाले से बताया, ‘सरकार ने नेपाली सेना को निर्देश दिया कि वह अभ्यास में हिस्सा नहीं ले.’

एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने बताया कि उन्हें कोई औपचारिक निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है, लेकिन 30 सदस्यीय दस्ते को रवाना होने से रोक दिया गया. अभ्यास की तैयारियों के सिलसिले में पहले ही पुणे पहुंच चुके तीन सैन्य अधिकारी भी जल्द ही लौटेंगे.

सैन्य अभ्यास से हटने से पहले नेपाल को चीन का अहम साथ उस समय मिला, जब उसने भारत को झटका देते हुए नेपाल को अपनी धरती पर 4 समुद्री बंदरगाह और 3 जमीनी बंदरगाह की मदद देने पर सहमति जता दी. इसके बाद से नेपाल में भारत के व्यापारिक मोनोपोली में कमी आ सकती है.

भारत पर निर्भरता कम करने की कोशिश

अभी नेपाल आवश्यक वस्तुओं और ईंधन के लिए काफी हद तक भारत पर निर्भर है. दूसरे देशों से व्यापार करने के लिए नेपाल भारत के बंदरगाहों का भी इस्तेमाल करता है. लेकिन व्यापारिक गतिविधियों को लेकर नेपाल जिस तरह से चीन के करीब जा रहा है, उससे भारत से उसके रिश्तों में खटास आने की आशंका जाहिर की जा रही है.

नेपाल ने ईंधन की आपूर्ति को पूरा करने के लिए भारत पर अपनी निर्भरता कम करने के लिहाज से चीन से उसके बंदरगाहों के इस्तेमाल की इजाजत मांगी है. बता दें ति 2015 और 2016  में भारत ने कई महीनों तक नेपाल को तेल की आपूर्ति रोक दी थी. इसकी वजह से इस पहाड़ी देश के साथ भारत के रिश्तों में खटास आ गई थी.

नेपाली सेना को मिला नया बॉस

इससे पहले नेपाल की राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी ने रविवार को जनरल पूर्ण चंद्र थापा को देश का नया सेना प्रमुख नियुक्त कर दिया. राष्ट्रपति कार्यालय से जारी एक बयान में कहा गया है कि राष्ट्रपति भंडारी ने नवनियुक्त सेना प्रमुख को राष्ट्रपति भवन में एक विशेष समारोह में पद की शपथ दिलाई. जनरल थापा को नेपाली सेना का 43वां प्रमुख नियुक्त किया गया, जिन्होंने 1979 में एक ऑफिसर कैडेट के रूप में सेना से जुड़े थे.

जनरल थापा ने जनरल राजेंद्र छेत्री का स्थान लिया है, जो रविवार को सेवानिवृत्त हो गए. नए सेना प्रमुख ने 39 वर्षों की अपनी सेना के दौरान कंपनी कमांडर और बटालियन कमांडर सहित विभिन्न पदों पर अपनी सेवाएं दी है. जनरल थापा का जन्म 1960 में पश्चिमी नेपाल के एक पहाड़ी जिले, लामजुंग में एक सैन्य परिवार में हुआ था.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also like

पाक ने की वर्ल्ड बैंक से शिकायत, कहा सिंधु जल संधि का उल्लंघन कर रहा भारत

पाकिस्तान के संयुक्त राष्ट्र मिशन के एक बयान