MP में पेट्रोल-डीजल से 2 साल में बढ़ी 37 फीसदी आय, 29 फीसदी भी नहीं पड़ोसी राज्यों की…
इंदौर. पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर आम व्यक्ति परेशान है। पेट्रोलियम मंत्री एक साल से बार-बार कह रहे हैं कि इन्हें भी जीएसटी के दायरे में लाया जाए, जिससे देश में एक समान कीमतें हो सकें।

इन सबके बाद भी केंद्र इन पर सेंट्रल एक्साइज तो मप्र सरकार वैट व एडिशनल टैक्स कम करने को तैयार नहीं हैं। यदि दिल्ली, यूपी, महाराष्ट्र और गुजरात से तुलना करें तो मप्र सरकार की दो साल में पेट्रोल-डीजल से 36.88% आय बढ़ गई, वहीं अन्य राज्यों में आंकड़ा 29% भी नहीं पहुंचा।
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मप्र में अभी इन पर देश में सर्वाधिक टैक्स लिया जा रहा है। मप्र में पेट्रोल पर 31 फीसदी वैट के साथ ही चार रुपए अलग से एडिशनल टैक्स के रूप में लिया जा रहा है, वहीं डीजल पर 27 फीसदी वैट के साथ ही 1.50 रुपए एडिशनल टैक्स लिया जा रहा है। केवल एडिशनल टैक्स से ही सरकार को हर माह सौ करोड़ की आय हो रही है।
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77 रुपए के एक लीटर पेट्रोल पर 42.58 रुपए ले रही दोनों सरकारें
मप्र में आज एक लीटर पेट्रोल की कीमत 77 रुपए प्रति लीटर के करीब है और इस पर केंद्र (21.48 रुपए) और राज्य (21.10 रुपए) दोनों मिलकर 42.58 रुपए टैक्स ले रहे हैं। वहीं 65.50 रुपए प्रति लीटर वाले डीजल पर केंद्र ( 17.33 रुपए) और राज्य ( 14.80 रुपए) मिलकर 32.13 रुपए टैक्स ले रहे हैं।
पेट्रोल-डीजल को जीएसटी में लाने पर मंजूरी देने या टैक्स कम करने का फिलहाल मप्र शासन का कोई विचार नहीं है।





