जब शहीद पिता के कॉफिन पर लेट गई 5 माह की बेटी, जिसने भी देखा उसकी आँखों में आ गये आंसू

- in राष्ट्रीय

जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हुए सेना के पैराट्रूपर मुकुट बिहारी मीणा का पार्थिव शरीर जैसे ही उनके गांव पहुंचा, शहीद की 5 माह की बेटी पिता के कॉफिन पर लेट गई. इस दृश्य को जिसने भी देखा उसकी आंखें भर आईं.झालावाड़ के खानपुर में शनिवार को शहीद का अंतिम संस्कार किया गया. शहीद मीणा के पिता जगन्नाथ ने अपनी पांच माह की पोती से मुखाग्नि दिलवाई.

सेना के पैराट्रूपर मुकुट बिहारी मीणा की पांच माह की बेटी को डीएम ने इमोशनल पत्र लिखा है. इसमें उन्होंने बच्ची से बड़े होने पर अपने पिता की शहादत को अपना नूर और गुरूर बनाने को कहा है. जिला कलेक्टर जितेन्द्र सोनी ने मासूम को लेटर लिखा है. आज तुम्हें गोद में उठाए तुम्हारे मामा और परिवार के लोग जब आर्मी के एएसएल में बैठे और थोड़ी देर बाद तुम्हें तुम्हारे शहीद पिता की पार्थिव देहपेटी (कॉफ़िन) पर बैठाया तो पहले तुमने तिरंगे को छुआ और फिर बिना रोए कॉफ़िन पर ही लेट गईं, तब मैं नहीं जान पाया कि तुम्हारा अबोध मन-मस्तिष्क तुम्हें क्या बतला रहा था.

हो सकता है कि थोड़ी देर पहले जब तुमने अपने पिता के देह-दर्शन के दौरान चेहरा देखा होगा तो अपरिभाषित जुड़ाव के साथ कॉफ़िन पर लेट गई होंगी. वह जो कुछ भी था, बहुत ही मार्मिक था. मैं और आर्मी के सारे ऑफ़िसर्स तुम्हें देख रहे थे और मुझे पता है कि सभी अलग-अलग तरीके से सोच रहे होंगे मगर सोच का केंद्र तुम्हारी मासूमियत और तुम्हारे शहीद पिता थे.’

उन्होंने लिखा, ‘बिटिया आरू, जब बड़ी होकर तुम देश के शहीदों के बारे में पढ़ोगी या कभी किसी सभा/कार्यक्रम में बोलोगी या शहीदों पर सुनोगी तो यकीन करना कि तुम्हारे चेहरे पर एक फख़्र होगा और आंखों में एक गर्वित चमक. तुम अपने शहीद पिता की उंगली पकड़कर तो बड़ी नहीं होगी मगर उनकी शहादत के किस्से तुम्हें रोज सुनने को मिला करेंगे. जब भी उनकी याद आए तो ध्यान रखना कि कुछ अभाव चुभते हैं मगर तुम्हारे पिता की तरह देश के लिए कुर्बान होने का गौरव सबको नसीब नहीं होता. शहीद अमर होते हैं.

मेरे रास्ते में हाथ जोड़े दिखीं ममता: PM मोदी

झालावाड़ के 100 घरों वाले लडानिया गांव के 25 वर्षीय शहीद मीणा ने 11 जुलाई को जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा में आतंकवादियों से लोहा लेते हुए देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए थे. शहीद मीणा का अंतिम संस्कार शनिवार को पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया गया था.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also like

आधार की वैधता पर सुप्रीम कोर्ट बुधवार को सुनाएगा फैसला

नई दिल्लीः सुप्रीम कोर्ट बुधवार को आधार की वैधता पर