आज से हुई, भारतीय नव वर्ष की शुरूआत

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भारतीय नव संवत्सर

भारतीय सनातन धर्मावलम्वियो का नवीन संवत्सर 2075 चैत्र शुक्ल प्रतिपदा रविवार 18 मार्च ईसवीय सन 2018 से प्रारम्भ हो रहा है इसे ही विक्रम संवतसर कहा जाता है यह ही धरतीतल का एक मात्र सनातनी संवत्सर है ज्योतिषीय गणनानुसार एक संवत्सर 354 दिन का होता है.

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इस वर्ष अधिकमास होने के कारण यह 384 दिन का संवत हो गया है भारतीय दैवज्ञो के मतानुसार संवत्सर संचालन के लिए ग्रहो नक्षत्रो की एक मन्त्रिमण्डलीय समिति का निर्माण होता है जिसमे 10 पदाधिकारियो का चयन होता है वही सम्पूर्ण वर्ष कृषि वर्षा वायु फल मूल स्वास्थ्य आदि के दायित्व का निर्वहन करते है इस नव्य संवत्सर मे 10 पदाधिकारियो मे 6 शुभ ग्रह है 4 विभाग पाप ग्रहो के पास है वहुमत शुभ ग्रहो का है इसलिए यह नूतन वर्ष शुभ फल कारक होगा हमारे ज्योतिषीय दृष्टयानुसार संवत प्रारम्भ का वार ही उस वर्ष का राजा होता है अतःभगवान सूर्य नृपति पद पर है मेष संक्रान्ति जिस की होगी वही वार मन्त्री पदाभिषिक्त होता है इस वर्ष शनि देव मन्त्री है यद्यपि राजा मन्त्री पिता पुत्र होते हुए भी मतैक्यकता के अभाव मे जन कल्याण करने मे असमर्थ ही रहेंगे फिर भी वर्ष फल कटु मिष्ठ फलकारक रहने की संभावना है इसी दिन से वासन्तिक नवरात्रारम्भ हो रहा है शक्ति आराधना का उत्तम पर्व भगवान श्रीराम के प्राकट्योत्सव के नव दिन पूर्व का पावन दिन सृष्ट्यारम्भ का प्रथम दिन हिन्दू हृदय सम्राट सनातन धर्मोद्धारक श्रीमान विक्रमादित्य के सिंहासनासीन होने का यह दिव्य नव्य संवत्सर हम भारतीयो के लिए अतिशय शुभ लाभ प्रद होकर सत्कर्म प्रेरक सद्धर्म रक्षक सौहार्दपरक होकर सर्वे सन्तु निरामया:का पोषक वनकर सुख शान्ति ऐश्वर्य दया धर्म दान पुण्यकारक सर्व जन हिताय सर्वजन सुखाय का पर्याय वना रहै यही प्रार्थना अवधनरेन्द्रनन्दन श्री रघुनन्दन एवं विदेह लाडिली जगज्जननी दयावती छमावती राघवहृदयविहारिणी भगवती श्री मैथिली के पावन पादारविन्द मे करते हुए भारतीय नववर्षाभिनन्दन समस्त सन्तजन वुधजन विज्ञजनानुकम्पाभिलाषी

आचार्य स्वामी विवेकानन्द

सरस् राम कथा व श्रीमद्भागवत कथा व्यास व *ज्योतिर्विद श्री अयोध्याम

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