दो दिन पहले कुपवाड़ा में मारे गए थे 5 विदेशी आतंकी

बीते 22 मार्च को उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा में 48 घंटे की मुठभेड़ के बाद मारे गए लश्कर- ए- तैयबा के पांंचों संदिग्ध आतंकी विदेशी थे. 5 आतंकियों के अलावा गोलीबारी में तीन जवान और दो पुलिसकर्मी भी शहीद हो गए. सेना केएक अधिकारी ने बताया कि सेना के एक जवान के लापता होने के बाद इलाके में तलाश अभियान चलाया जा रहा है. पुलिस के मुताबिक पुलिसकर्मियों द्वारा आतंकियों के दल को रोके जाने के बाद मुठभेड़ नियंत्रण रेखा से 8 किलोमीटर दूर हल्मतपुरा इलाके में हुई. कुपवाड़ा पुलिस, सेना की कंपनियों, प्रादेशिक सेना और सीआरपीएफ के संयुक्त दल ने मंगलवार की सुबह से अभियान शुरू किया था.

एलओसी पार कर 8 किमी तक अंदर घुस आए थे

आतंकियों का ग्रुप शमसाबारी पर्वत श्रृंखला की दो चोटियों को पार करके नियंत्रण रेखा से करीब आठ किमी अंदर तक घुस आए थे. आतंकियों ने नियंत्रण रेखा पार करने के बाद घाटी में पहले से मौजूद भूमिगत आतंकी और मददगारों से मिलकर और कुपवाड़ा कस्बे की ओर बढ़ रहे थे, कि तभी उन्हें पुलिसकर्मियों ने देख लिया था. मस्जिद में छिपे आतंकियों ने जंगलों की ओर भागना शुरू कर दिया था, लेकिन सुरक्षा बलों ने मंगलवार को उनमें से चार को मार गिराया था. पांचवां आतंकी ऊंचे स्थान पर छिपा हुआ था और वहां सेवह सुरक्षा बलों पर गोलीबारी कर रहा था. उसे शाम मार गिराया गया था.

5 जवान भी हुए थे शहीद 

मुठभेड़ में दो पुलिस कर्मी दीपक थूसू और एसपीओ मोहम्मद यूसुफ, सेना के तीन जवान 160 टीए के सिपाही अशरफ राठेर, 160 टीए के जोरावर सिंह और खलखो-5 के नाइक रंजीत भी शहीद हो गए. (इनपुट- एजेंसी)