जुलाई में कब-कब है प्रदोष व्रत?

देवों के देव महादेव को प्रदोष व्रत समर्पित है। यह व्रत महीने में 2 बार पड़ता है। हर माह के कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत किया जाता है। इस शुभ तिथि पर भगवान शिव और मां पार्वती की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से जातक की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। साथ ही कारोबार और रोजगार में वृद्धि होती है। इसके अलावा प्रदोष व्रत को करने से कुंडली में बुध ग्रह भी मजबूत होता है।

कब है जुलाई का पहला प्रदोष व्रत?
पचांग के अनुसार, आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 03 जुलाई को सुबह 07 बजकर 10 मिनट पर होगी। वहीं, इसका समापन 04 जुलाई को सुबह 05 बजकर 54 मिनट पर होगा। ऐसे में प्रदोष व्रत 03 जुलाई को किया जाएगा।

कब है जुलाई का दूसरा प्रदोष व्रत?
आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि का प्रारंभ 18 जुलाई 2024, सुबह 08 बजकर 44 मिनट पर हो रहा है। वहीं, इस तिथि का समापन 19 जुलाई को सुबह 07 बजकर 41 मिनट पर होगा। ऐसे में प्रदोष व्रत 19 जुलाई को किया जाएगा।

प्रदोष व्रत का महत्व

सनातन धर्म में प्रदोष व्रत का अधिक महत्व है। इस दिन प्रदोष काल में भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा करने से जातक को हर कार्य में सफलता प्राप्त होती है और जीवन में खुशियों का आगमन होता है। इस दिन शिव भक्त इस दिन का उपवास रखते हैं और कुछ भक्त भगवान को प्रसन्न करने के लिए मंदिर भी जाते हैं और रुद्राभिषेक करते हैं।

भगवान शिव के मंत्र

आरोग्य की होगी प्राप्ति

ॐ नमः शिवाय

    अकाल मृत्यु का भय दूर होगा

    ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

      इस मंत्र से होगी इच्छा पूरी

      ॐ नमो भगवते रुद्राय नमः

        आर्थिक स्थिति होगी मजबूत

        ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥

          भय होगा दूर

          ऊं पषुप्ताय नमः

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