मिस्र: अलग-अलग मामलों में 31 को सुनाई गई मौत की सजा

मिस्र की अदालतों ने गुरुवार को दो अलग-अलग मामलों में 31 को मौत की सजा सुनाई। इसमें एक मामला वर्ष 2015 का है। इसमें एक पुलिसकर्मी तथा एक सुरक्षागार्ड की हत्‍या हुई थी और दूसरा वर्ष 2016 का है जिसमें इस्‍लामिक स्‍टेट के आतंकियों के जेल से भागने का है।

मिस्र की सरकारी संवाद एजेंसी मीना की रिपोर्ट के अनुसार, एल-जागाजीग के नाइल डेल्‍टा शहर की स्‍थानीय अदालत ने एक पुलिसकर्मी तथा गार्ड की हत्‍या के मामले में 18 लोगों को मौत की सजा सुनाई। एजेंसी ने बताया कि गोली के जख्‍म के साथ दोनों स्‍थानीय अस्‍पताल पहुंचे थे जिनकी बाद में उनकी मौत हो गई थी। जांच में दोनों की हत्‍या के पीछे 18 लोगों के शामिल होने का खुलासा हुआ था। एजेंसी के अनुसार ये 18 आरोपी मुस्‍लिम ब्रदरहुड के सदस्‍य थे जिसपर 2013 के बाद से प्रतिबंध लगा हुआ है।

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एक अन्‍य मामले में इस्‍लामिया की स्‍थानीय अदालत ने अक्‍टूबर 2016 में जेल से आईएस आतंकियों के भागने के मामले में 13 लोगों को मौत की सजा सुनाई जिसमें कुछ आइएस आतंकी हैं। सरकारी अखबार अल-अहराम ने अपनी वेबसाइट पर बताया है कि सजा पाए 13 अपराधियों में से छह हिरासत में हैं जबकि सात फरार हैं जिन्‍हें पकड़ने की कोशिश की जा रही है।

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