बैंक मैनेजर की ईमानदारी ने ले ली उसकी जान…

बिहार के जहानाबाद में एक बैंक मैनेजर की हत्या का राज पर्दाफाश हो गया है. पुलिस जांच में पता चला है कि बैंक मैनेजर की हत्या उनकी ईमानदारी के चलते हुई और बैंक का ही एक कर्मचारी उनकी हत्या का मास्टरमाइंड निकला. पुलिस ने हत्या की साजिश रचने वाले बैंक कर्मचारी सहित 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

पुलिस ने बताया कि बैंक की जहानाबाद ब्रांच के मैनेजर आलोक चंद्रा की साजिश उसी ब्रांच में नियुक्त सहायक प्रबंधक राजेश कुमार ने रची थी. दरअसल यह पूरा मामला अरवल जिले के एक कारोबारी ब्रजेश कुमार द्वारा लिए गए 1.5 करोड़ के लोन से जुड़ा हुआ है.

जांच में सामने आया कि ब्रजेश कुमार ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर यह लोन ले रखा था. ब्रांच मैनेजर आलोक चंद्रा लगातार ब्रजेश कुमार को दस्तावेज दुरुस्त करने के लिए कह रहे थे. जबकि ब्रजेश उन पर दबाव बना रहा था कि वह उन फर्जी दस्तावेजों को ही सही दिखाकर रीजनल ऑफिस भेज दें, ताकि उसके लोन में कोई बाधा न आए.

सबसे अजीब मामला: पड़ोसी ने अंधेरे में महिला का पति बनकर किया रेप, पत्नी नही कर पाई विरोध फिर जब..

आलोक चंद्रा लेकिन ईमानदारी के साथ लोन को क्लियर न करने पर अड़े रहे. आलोक चंद्रा के नहीं मानने पर इस हत्या की साजिश रची गई और साजिश रचने वाला कोई और नहीं, उसी बैंक का सहायक प्रबंधक राजेश कुमार निकला.

राजेश ने ही ब्रजेश को उकसाया कि ‘जब तक आलोक चन्द्रा इस बैंक में हैं तब तक तुम्हारा काम नहीं हो सकता. उसे रास्ते से हटा दो तो तुम्हारा काम हो जाएगा.’ पुलिस ने बताया कि राजेश की ब्रजेश से पहले से नजदीकी रही है.

इतना ही नहीं राजेश ने ही आलोक चंद्रा की हत्या के लिए पांच बदमाशों को 30-30 हजार रुपये की सुपारी दी थी. जहानाबाद के SP मनीष कुमार ने अरवल पुलिस के सहयोग से इस हत्याकांड का खुलासा किया. पुलिस जांच में सात बदमाशों के शामिल होने की बात सामने आई है, जिनमें से छह बदमाशों को गिरफ्तार किया जा चुका है.

एसपी मनीष कुमार ने बताया कि एक अन्य आरोपी फरार चल रहा है, जिसकी धरपकड़ के लिए छापेमारी की जा रही है. हत्याकांड की जांच के लिए मनीष कुमार ने अलग से एक SIT गठित की थी. उन्होंने बताया कि ब्रजेश की अरवल जिले में हीरो मोटरसाइकिल की एजेंसी है.

बता दें कि इसी साल 21 मई को आलोक चंद्रा की बैंक जाते समय रास्ते में हत्या कर दी गई थी. जहानाबाद में परसबिघा थाना के नेहालपुर डायवर्जन के पास उन्हें दिन दहाड़े गोली मारी गई थी. इस हत्याकांड ने बिहार में कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए थे.

आलोक चंद्रा की हत्या के बाद बैंक कर्मचारियों ने भी बैंक बंद कर सड़क पर उतर कर सरकार से सुरक्षा और हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए विरोध प्रदर्शन किया था. लेकिन प्रदर्शन कर रहे बैंक कर्मचारियों को शायद ही अंदाजा रहा हो कि इस हत्याकांड में उन्हीं का एक सहकर्मी शामिल था.

Loading...
loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Copy is not permitted !!

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com