महाराष्ट्र के यवतमाल जिले के एक कुएं की सफाई के दौरान सैकड़ों आधार कार्ड पड़े मिले. जिला प्रशासन ने इस संबंध में जांच के आदेश दिए हैं. वहीं, इस संबंध में डाक विभाग के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज हुई है. जांच की जा रही है कि इतने आधार कार्ड आखिर कहां से आए. आधार कार्ड कुएं में क्यों फेंके गए. बरामद हुए आधार कार्ड साल 2011 और 2014 के बीच भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) द्वारा जारी किए गए थे.

बुधवार को यवतमाल जिले के शिंदे नगर इलाके के एक मंदिर के कुएं की कुछ युवक सफाई कर रहे थे. इसी दौरान कुएं में से कुछ प्लास्टिक बैग पाए गए. युवकों ने जब बैग खोले तो उसने में आधार कार्ड की सैंकड़ों मूल प्रति देखकर वह हैरान रह गए. इनमें से ज्यादातर आधार कार्ड शहर के बाहरी क्षेत्र में स्थित लोहारा गांव के लोगों के थे.

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कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश

ज्यादातर आधार कार्ड पहचान के लायक नहीं रह गए, लेकिन 157 आधार कार्ड ऐसे थे, जिन्हें थोड़ा ही नुकसान पहुंचा था. इन पर यूनिक आईडिफिकेशन संख्या लिखा हुआ दिख रहा था. इन आधार कार्डों को तहसीलदार सचिन शेजल ने अपने कब्जे में ले लिया है. शिकायत के बाद यवतमाल के कलेक्टर राजेश देशमुख ने तहसीलदार को इस संबंध में जांच करने और रिपोर्ट देने का आदेश दिया. पंचनामे के बाद तहसीलदार ने कल अवधूतवादी में डाक विभाग के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई. बरामद किए गए आधार कार्ड साल 2011 और 2014 के बीच भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने जारी किये हैं.