एयर इंडिया पर आया आर्थिक संकट, 6 महीने से 2 साल तक बिना वेतन छुट्टी पर भेजे जाएगे कर्मचारी

कोरोनावायरस महामारी के बीच एयर इंडिया आर्थिक संकट के दौर से गुजर रही है. अब एअर इंडिया ने एक समिति का गठन किया है जो ऐसे लोगों की तलाश करेगी जिन्हें बिना वेतन छुट्टी पर भेजा जा सकता है.

एयर इंडिया ने कर्मचारियों को 6 महीने से लेकर 2 साल तक की समय अवधि के लिए बिना वेतन छुट्टी पर भेजने की योजना को मंजूरी दे दी है, जिसे 5 साल तक बढ़ाया जा सकता है.

कंपनी के कर्मचारियों को उनकी दक्षता, क्षमता, प्रदर्शन की गुणवत्ता, कर्मचारियों का स्वास्थ्य आदि के आधार पर चयन किया जाएगा. इसके बाद यह तय होगा कि किन्हें छुट्टी पर भेजा जाए.

कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर राजीव बंसल को कुछ कर्मचारियों को छुट्टी पर भेजने का अधिकार दिया गया है. इसके तहत कुछ कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से बिना वेतन के 6 महीने से लेकर 5 साल तक की छुट्टी पर भेजा सकता है.

मालूम हो कि कोरोनावायरस के चलते अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ान सेवा पर लगी रोक को 31 जुलाई तक बढ़ा दिया गया है. नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने पिछले दिनों इसकी अधिसूचना जारी कर जानकारी दी थी.

नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कर्मचारियों को बिना वेतन के छुट्टी पर भेजने के फैसले को सही करार देते हुए कहा था कि सरकार के पास और कोई विकल्प नहीं है. अगर विकल्प होते तो लागत में इतनी कटौती की जरूरत नहीं होती. सरकार इस स्थिति में नहीं है कि एयरलाइंस कंपनियों को बड़ी आर्थिक मदद कर सके.

कोरोना महामारी के कारण भारत ने 23 मार्च से अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ानों पर प्रतिबंध लगा रखा है. सीमित उड़ानों के साथ 25 मई से घरेलू उड़ानें शुरू कर दी गई हैं.

पुरी का कहना था कि कोरोना संकट से पहले जितनी घरेलू उड़ानों का संचालन होता था, उसकी 55 से 60 फीसद तक उड़ानें दिवाली तक होने लगेंगी.

Back to top button