क्या आप जानते है? डेबिट कार्ड से जब भी करते हैं आप भुगतान, तो वसूला जाता है ये चार्ज

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आप जब भी कहीं पर डेबिट कार्ड से भुगतान करते हैं, तो आपको मर्चेंट डिस्काउंट चार्ज (MDR) भी देना पड़ता है. हाल ही में रेलवे ने इस चार्ज को खत्म कर दिया है. इससे आपके लिए रेल टिकट बुक करना काफी सस्ता हो गया है. MDR क्या होता है और मौजूदा समय में आपको कितना एमडीआर भरना पड़ता है, इसे जानना आपके लिए जरूरी है.

क्या आप जानते है? डेबिट कार्ड से जब भी करते हैं आप भुगतान, तो वसूला जाता है ये चार्जक्या है मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR):

मर्चेंट डिस्काउंट  रेट वह रेट होता है, जो बैंक किसी भी दुकानदार अथवा कारोबारी से कार्ड पेमेंट सेवा के लिए लेता है. ज्यादातर कारोबारी एमडीआर चार्जेज का भार ग्राहकों डालते हैं और बैंकों को दी जाने वाली फीस का अपनी जेब पर भार कम करने के लिए ग्राहकों से भी इसके बूते फीस वसूलते हैं.

2000 रुपये तक कोई चार्ज नहीं:

पिछले साल सरकार ने घोषणा की कि 2000 रुपये तक की खरीदारी करने पर आपको किसी भी तरह का एमडीआर नहीं देना होगा. इसका भार सरकार उठाएगी. हालांकि यह सुविधा सरकार की तरफ से इसी साल 1 जनवरी से अगले दो साल तक के लिए मिली है. सरकार ने डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के लिए यह कदम उठाया है.

यह है मौजूदा एमडीआर

सरकार के इस फैसले से पहले भारतीय र‍िजर्व बैंक ने भी MDR चार्ज में बदलाव किया था. यह बदलाव 1 जनवरी से लागू हो चुके हैं. नए नियमों के मुताबिक अब एमडीआर भुगतान की राशि  खरीदारी के बजाय दुकानदार के टर्नओवर पर निर्भर करेगा.

20 लाख से ज्यादा टर्नओवर वाले व्यापारियों पर 0.9 प्रतिशत एमडीआर लगेगा. जबकि 20 लाख से कम टर्नओवर वाले व्यापारियों को  0.4% एमडीआर देना होगा. क्यूआर कोड के जरिए पेमेंट पर एमडीआर 0.1 प्रतिशत कम होगा.

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