अगस्त में भूलकर भी इन तिथियों पर न करें शुभ कार्य, वरना काम में आएगी बाधा

ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस समय गुरु ग्रह वृषभ राशि में विराजमान हैं। भद्रा विष्टि करण में शुभ और मांगलिक कार्य करना वर्जित हैं। धार्मिक मत है कि भद्रा विष्टि करण के दौरान सगाई, विवाह, गृह प्रवेश और समेत आदि मांगलिक कार्य करने से शुभ फल की प्राप्ति नहीं होती है। ज्योतिष भद्रा विष्टि करण की अवधि के दौरान घर का निर्माण, शुभ यात्रा और कोई नया प्रोजेक्ट शुरू करना अन्य शुभ कार्य स्थगित करनी की राय देते हैं। ऐसा माना है कि विष्टि करण में किए जाने वाले इन कार्यों में बाधा उत्पन्न होती है। शुभ कार्यो को करने से करने से जीवन पर नकारात्मक प्रभाव भी पड़ता है। आइए, पंडित हर्षित शर्मा जी से अगस्त महीने में भद्रा विष्टि करण की तिथियां और समय जानते हैं।

विष्टि करण, अगस्त 2024

02 अगस्त को विष्टि करण समय दोपहर 03 बजकर 28 मिनट से 03 अगस्त को मध्य रात्रि 03 बजकर 38 मिनट तक है। इस दौरान भूलकर भी शुभ कार्य न करें।
08 अगस्त को विष्टि करण समय सुबह 11 बजकर 23 मिनट से 09 अगस्त रात्रि 12 बजकर 36 मिनट तक है। यह गणना अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार है।
इसके बाद 12 अगस्त को भद्रा विष्टि करण का योग है। 12 अगस्त को सुबह 07 बजकर 58 मिनट से मिनट से रात्रि 08 बजकर 48 मिनट तक है।
पंडित हर्षित शर्मा जी की मानें तो 15 अगस्त को भी भद्रा यानी विष्टि करण का साया है। 15 अगस्त को रात्रि के 10 बजकर 13 मिनट से 16 अगस्त की सुबह 09 बजकर 40 मिनट तक है।
दिन सोमवार, 19 अगस्त, रात्रि के 03 बजकर 08 से सोमवार, 19 अगस्त, समय दोपहर के 01 बजकर 38 मिनट तक। इसके बाद 19 अगस्त को भद्रा का अशुभ योग बन रहा है। 19 अगस्त को रात्रि के 03 बजकर 08 से 19 अगस्त की दोपहर के 01 बजकर 38 मिनट तक है।
भद्रा का साया 22 अगस्त को भी है। 22 मई को भद्रा योग रात्रि 03 बजकर 28 मिनट से शुरू होगा जो अगले दिन यानी 22 अगस्त को दोपहर 01 बजकर 44 मिनट पर समाप्त होगा। इस दिन भी शुभ कार्य न करें। इसके बाद 25 अगस्त को सुबह 05 बजकर 29 मिनट से लेकर शाम 05 बजकर 01 मिनट तक विष्टि करण का योग है।
अगस्त महीने में भद्रा विष्टि करण की अंतिम तिथि 28 अगस्त को है। इस दिन विष्टि करण का योग दोपहर 01 बजकर 19 मिनट से लेकर रात 01 बजकर 21 मिनट तक है।

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