चरित्रहीन महिलाओं में होते हैं ऐसे गुण, तुरंत ऐसे देखकर करें पहचान…

हमारे हिन्दू ग्रंथों और मनुस्मृति में महिलाओं के लिए कुछ नियम निर्धारित किए गए हैं। जिससे उनकी पवित्रता बनी रहती है और वो समाज में आदर पाती हैं। किसी महिला का चरित्र गिर जाए तो उसकी समाज में निंदा होती है, अपमान होता है। चरित्रहीन महिला पापों में लगकर पशुता तथा नरकों की तरफ जा रही होती है।

चरित्रहीन होती हैं ऐसी महिलाएं:

मदिरा पान करने वाली, उत्पाती पुरुषों का संग करने वाली, पति के साथ न रहने वाली, बिना किसी काम के इधर-उधर विचरन करने वाली, असमय एवं देर तक सोने वाली, अपना घर छोड़ दूसरे के घर में रहने वाली।

शर्म और लज्जा नारी के आभूषण हैं। जब कोई महिला इनका त्याग कर देती है तो उसे अपयश का सामना करना पड़ता है। मदिरा पान करने वाली महिलाएं परिवार और समाज में अपना वर्चस्व खो देती हैं।

उत्पाती पुरुषों का संग करने वाली महिलाओं का पतन बहुत जल्दी हो जाता है। उनकी वजह से परिवार की अन्य महिलाओं को भी समाज में बुरी नजरों से देखा जाता है।

पति के साथ न रहने वाली महिलाओं और उनके बच्चों का भविष्य अंधकार में डूब सकता है। विवाह उपरांत पति के साथ रहने पर ही महिला को समाज में उचित मान- सम्मान प्राप्त होता है।

बिना किसी काम के इधर-उधर विचरन करने वाली महिला के चरित्र में दोष आ सकता है। विवाहित महिला ऐसा करे तो वो अपने ससुराल और मायके दोनों की प्रतिष्ठा को धूमिल करती है।

असमय एवं देर तक सोने वाली महिलाएं अपने शरीर का तो नुक्सान करती ही हैं साथ ही पारिवारिक दायित्व ठीक से नहीं निभा पाती इसलिए वो शारीरिक और मानसिक रूप से बीमार रहती हैं।

पिता और पति ये दो घर ही महिलाओं के लिए उपयुक्त माने गए हैं। अपना घर छोड़ दूसरे के घर में रहने वाली महिला के चरित्र में दोष आ सकता है।

Ujjawal Prabhat Android App Download Link
News-Portal-Designing-Service-in-Lucknow-Allahabad-Kanpur-Ayodhya

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button