प्रतिबंध असफल रहने पर फिर से कड़ा रुख अपनाएगा अमेरिका-डोनाल्ड ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शनिवार (24 फरवरी) को आगाह किया कि उत्तर कोरिया पर पहले दौर के प्रतिबंधों के काम ना करने पर उस पर दूसरे दौर के प्रतिबंध लगाए जाएंगे जो कि दुनिया के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण होगा. इससे पहले उन्होंने पूर्वी एशियाई देश को परमाणु हथियार हासिल करने और अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलों का विकास करने से रोकने के लिए उस पर ‘‘अब तक के सबसे कड़े’’ प्रतिबंध लगाए थे. ट्रम्प ने अमेरिकी दौरे पर आए ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री मैलकम टर्नबुल के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘अगर प्रतिबंध काम नहीं करते तो हमें फिर से नए प्रतिबंध लगाने होंगे. और दोबारा लगाए जाने वाले प्रतिबंध बहुत ज्यादा कठोर हो सकते हैं. शायद वे दुनिया के लिए बेहद, बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हों.’’

प्रतिबंध असफल रहने पर फिर से कड़ा रुख अपनाएगा अमेरिका-डोनाल्ड ट्रंप

हालांकि उन्होंने प्रतिबंधों का असर होने की उम्मीद जतायी. अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘हम जो कर रहे हैं, उसके लिए हमें दुनिया भर से अपार समर्थन मिला है. वह (उ कोरिया) सच में मनमानी करने वाला देश है.’’ उन्होंने उत्तर कोरिया से जुड़े एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘अगर हम समझौता कर सकें तो बहुत अच्छा होगा. अगर ना कर पाएं तो कुछ तो होगा. इसलिए देखते हैं.’’

वहीं दूसरी ओर उत्तर कोरिया ने अपने खिलाफ प्रतिबंधों को समर्थन देने के लिए संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेज की आलोचना की है. उत्तर कोरिया पर परमाणु हथियार कार्यक्रम त्यागने के वास्ते अमेरिका के साथ बातचीत करने के लिए लगाए जाने वाले प्रतिबंधों का संयुक्त राष्ट्र ने समर्थन किया है. इस पर गुटेरेज की आलोचना करते हुए उत्तर कोरिया ने कहा है कि ऐसा लगता है कि विश्व निकाय के महासचिव अमेरिका के प्रतिनिधि के तौर पर काम कर रहे हैं.

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संयुक्त राष्ट्र में उत्तर कोरिया के मिशन ने एक बयान में कहा है कि अगर 70 साल पहले उत्तर कोरिया की स्थापना के साथ शुरू हुई अमेरिका की शत्रुतापूर्ण नीति नहीं होती और अगर इस नीति के चलते परमाणु संबंधी ब्लैकमेल और धमकियां दिनों दिन बढ़ती नहीं, तो कोरियाई प्रायद्वीप में परमाणु मुद्दा होता ही नहीं.

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