दांव पर LIC के 300 करोड़! Rajesh Exports में सरकारी बीमा कंपनी की बड़ी हिस्सेदारी

देश की नामी गोल्ड कंपनी राजेश एक्सपोर्ट्स (Rajesh Exports) के खिलाफ सेबी के गंभीर आरोप से खलबली मच गई है। मार्केट रेगुलेटर ने जांच के बाद अंतरिम आदेश में कहा है कि कंपनी ने 15.15 लाख करोड़ के राजस्व में हेराफेरी की है। इसके बाद राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयर 4 जून को बुरी तरह गिर गए। इस गबन से सबसे बड़ा झटका एलआईसी (LIC Stake in Rajesh Exports) को लगा है, क्योंकि इस कंपनी में भारतीय जीवन बीमा निगम की बड़ी हिस्सेदारी है।
LIC समेत राजेश एक्सपोर्ट में किसकी हिस्सेदारी?
एलआईसी, राजेश एक्सपोर्ट में एक मात्र घरेलू संस्थागत निवेशक है। Screener पर उपलब्ध, कंपनी के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार, मार्च 2026 तक राजेश एक्सपोर्ट्स में एलआईसी की कुल 10.80% हिस्सेदारी है।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने पिछले तीन वर्षों में राजेश एक्सपोर्ट्स में अपनी हिस्सेदारी कम कर दी है। मार्च 2023 में एफआईआई की हिस्सेदारी 17.6 प्रतिशत थी, जो मार्च 2026 तक घटकर लगभग 14.26 प्रतिशत रह गई।
वहीं, इस कंपनी में पब्लिक की कुल होल्डिंग 20.39 फीसदी और प्रमोटर की कुल हिस्सेदारी 54.55 प्रतिशत है।
LIC का कुल कितना पैसा लगा?
राजेश एक्सपोर्ट का मार्केट कैप 3090 करोड़ रुपये है और कंपनी में एलआईसी की कुल हिस्सेदारी 10.80 फीसदी है। ऐसे में कंपनी में भारतीय जीवन बीमा निगम के निवेश की वैल्यू 300 करोड़ रुपये से ज्यादा है।
कंपनी पर क्या आरोप?
बता दें कि 3 जून को जारी एक अंतरिम आदेश में, सेबी ने राजेश एक्सपोर्ट्स और उसके प्रमोटर राजेश मेहता को शेयर बाजार में कारोबार करने से रोक दिया। सेबी ने 5 वित्तीय वर्षों में फैले भारी वित्तीय कुप्रबंधन का आरोप लगाया, जिसमें 15.15 लाख करोड़ रुपये के रेवेन्यू की जानकारी छिपाई गई थी। हालांकि जांच अभी जारी है और SEBI के निष्कर्ष अंतिम नहीं हैं।





