श्रीदेवी की मौत के बारे में डॉक्टर ने किया हैरान कर देने वाला खुलासा सुनकर होश उड़ जाएंगे

54 साल की उम्र में किसी को कार्डियक अरेस्ट आना बड़ी बात होती है | माना जाता है कि यह अक्सर उम्रदराज लोगों को होती है, लेकिन श्रीदेवी को इतनी कम उम्र में कार्डियक अरेस्ट आना और उससे मौत हो जाना वाकई हैरान करने वाला है ऐसे में अभी-अभी डॉक्टरों की एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है ,कि पूर्णता तो नहीं कहा जा सकता लेकिन अगर श्रीदेवी को कार्डियक अरेस्ट आने के बाद तुरंत सही उपचार मिल जाता तो उन्हें बचाया जा सकता था.

हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट में होता है अंतर :

जानकारी के लिए बता दें कि IPAS डेवलपमेंट फाउंडेशन में वरिष्ठ स्वास्थ्य निदेशक डॉक्टर छाया तिवारी ने एक लिडिंग वेबसाइट में दिए गए अपने खास इंटरव्यू में बताया कि कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक में काफी अंतर होता है हालांकि अभी भी कई लोग है | कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक को एक ही मानते हैं. लेकिन ऐसा नहीं है. कार्डियक अरेस्ट आने पर भी किसी मरीज को बचाया जा सकता है |

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हां लेकिन यहां एक बात गौर करने वाली यह भी है कि मरीज बच सकता है कि नहीं यह इस बात पर निर्भर करता है कि कार्डियक अरेस्ट कितना तेज आया है | अगर यह ज्यादा तेज है. तो मरीज के बचने के चांस काफी कम होते हैं | लेकिन अगर तुरंत सीपीआर मिलता है तो फिर मरीज को बचाया जा सकता है.

हालांकि श्रीदेवी के मामले में ऐसा नहीं हो सका. इसकी एक बड़ी वजह यह भी है कि दुबई में श्रीदेवी मोहित की शादी में गई थी. शादी खत्म होने के बाद जब सब मुंबई लौटने लगे तो श्रीदेवी ने कुछ समय और दुबई में रहने की इच्छा जाहिर की जिसके बाद देवर संजय, पति बोनी, बेटी खुशी और परिवार के अन्य सदस्य मुंबई लौट आए लेकिन श्रीदेवी वहीं रही. ऐसे में बताया जा रहा है कि जिस वक्त श्रीदेवी को कार्डियक अरेस्ट आया वह एकदम अकेली थीं. लेकिन इलाज करने वाले डॉक्टरों का मानना है कि अगर और कोई होता और उन्हें सीपीआर दिया गया होता तो शायद आज हमारी चांदनी हमारे साथ होती.

 

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