किसानों के लिए राहत की खबर: आढ़तियों की 2.5% कमीशन की मांग खारिज

हरियाणा की मंडियों में सूरजमुखी की खरीद से बच रहे आढ़तियों को 1 प्रतिशत आढ़त पर ही खरीद करनी होगी। आढ़ती 1 प्रतिशत के बजाय ढाई प्रतिशत कमीशन की मांग कर रहे हैं लेकिन खाद्य एवं आपूर्ति व उपभोक्ता मामलों के मंत्री राजेश नागर ने साफ कर दिया है कि आढ़त नहीं बढ़ेगी।

मंत्री ने कहा है है कि आढ़त का निर्णय केंद्र सरकार करती थी और उन्हीं निर्देशों का पालन राज्य सरकार को करना होता है। पिछली बार आढ़तियों का कमीशन एक प्रतिशत था। इस बार भी 1 प्रतिशत कमीशन पर सूरजमुखी की खरीद करनी होगी। सूरजमुखी के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 7721 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। पिछली बार 7280 एमएसपी था और इस तरह से इस बार 441 रुपये ज्यादा एमएसपी किसानों को मिलेगा। भावांतर को लेकर भी सरकार के संज्ञान में मामला लाया है।

153 1 सरकार की सख्ती के बाद पंचकूला की बरवाला मंडी में 4 किसानों से 11.82 मीट्रिक टन (एमटी) सूरजमुखी की खरीद हुई है। अभी तक 4 जिलों की 13 मंडियों में 1320.30 एमटी सूरजमुखी पहुंच चुकी है। वीरवार को 789.95 एमटी सूरजमुखी लेकर किसान क्रय केंद्रों में पहुंचे। अभी तक अंबाला में 323.19 एमटी, कुरुक्षेत्र में 505.87 एमटी, पंचकूला में 473.60 एमटी और यमुना नगर में 17.73 एमटी सूरजमुखी लेकर किसान पहुंच चुके हैं। कुरुक्षेत्र व दूसरी मंडियों में खरीद प्रक्रिया शुरू न होने से किसान संगठन लामबंद हो गए थे।

हरियाणा राज्य अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राम अवतार तायल ने बताया कि आढ़तियों की ओर से सूरजमुखी न खरीदने के लिए पीछे यही कारण है कि उन्हें आइत केवल 1 प्रतिशत यानी प्रति क्विंटल 70 रुपये ही मिल रही है। है। ढाई प्रतिशत आढ़त मिलने पर प्रति क्विंटल 182 रुपये मिल सकेंगे। 1 प्रतिशत आढ़त से मजदूरों की मजदूरी व दूसरे खर्चे भी निकालना मुश्किल हो रहा है। इसलिए कम कमीशन पर फसल खरीदना संभव नहीं है।  

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