21 अक्तूबर 1995 को प्रसारित ‘जनता की अदालत’ कार्यक्रम में एक सवाल पर अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा कि 1971 के जंग में उन्होंने इंदिरा की भूमिका की जरूर प्रशंसा की थी और वह भूमिका सचमुच सराहना के लायक थी. लेकिन उन्होंने उनके (इंदिरा के लिए) दुर्गा शब्द का प्रयोग नहीं किया था. वाजपेयी ने कहा कि उन्होंने लोकसभा में कभी इंदिरा को दुर्गा नहीं कहा. इस सवाल पर वाजपेयी ने उलटे व्यंग्य कसते हुए कहा था कि वह खुद दुर्गा के उपासक हैं.

वह दुर्गा के विभिन्न रूपों को जानते हैं. दुर्गा दैत्यों का नाश करती हैं. वह अपनों को जेल में नहीं डालतीं. वाजपेयी ने कहा कि उन्होंने इंदिरा को कभी दुर्गा के रूप में चित्रित नहीं किया. वाजपेयी उस वक्त अपनी पार्टी भारतीय जनसंघ की ओर से सांसद थे. विपक्षी दल में होने के नाते भारतीय जनसंघ इंदिरा सरकार की आलोचना कर रही थी, लेकिन पार्टी लाइन से इतर जाते हुए वाजपेयी ने इंदिरा की प्रशंसा की थी.

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