5 लाख रुपए में पत्नी को बेचा और खरीदार से ही करा दी शादी

अमरावती. मोर्शी तहसील के खानापुर निवासी एक व्यक्ति ने पैसे के लालच में अपने दोस्त व एक महिला के जरिए खुद की पत्नी को ही 5 लाख रुपए में बेच दिया। यही नहीं, इस शख्स ने खरीदार से पत्नी की शादी भी करा दी। पुलिस ने आरोपी पति, उसके दोस्त व संबंधित महिला को गिरफ्तार कर लिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, खानापुर निवासी कृष्णा सुरेश मोहने का गांव में ही रहने वाली 20 वर्षीय युवती से प्रेम संबंध था। जनवरी 2016 में दोनों ने अंतरजातीय विवाह कर लिया। कृष्णा मजदूरी कर परिवार पालता था। लेकिन उसकी आमदनी काफी नहीं थी। उसकी माली हालत बिगड़ती गई। इसी बीच एक साल में उसने अपनी पत्नी का अमरावती लाकर जबरदस्ती गर्भपात भी कराया था। बाद में उसने गरीबी से निजात पाने व पैसों के लालच में खुद की पत्नी को बेचने की ही ठान ली। यह भी कहा जा रहा है कि कृष्णा ने अपनी पत्नी की मिलीभगत से ही इस घटना को अंजाम दिया। लेकिन पैसे कम मिलने के कारण पूरे घटनाक्रम का पर्दाफाश हो गया।
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एक माह तक राजकोट में रही पीड़िता
बीरेन कृष्णा की पत्नी को अपनी पत्नी मान राजकोट ले गया। पीड़िता एक माह तक बीरेन के घर जबरदस्ती रहने को मजबूर रही। वह 21 जुलाई को राजकोट से अमरावती चली आई। तभी उसे पता चला कि उसके पति ने ही उसे 5 लाख रुपए में बेचा है। और तीनों ने ऐसे पैसे मिलकर बांट लिए। पीड़िता ने मंगलवार रात मोर्शी पुलिस थाना जाकर शिकायत दर्ज कराई।
ऐसे रची साजिश
कृष्णा ने गांव के ही राजेश केशराज पुरोहित से अपनी पत्नी को बेचने को लेकर सलाह ली। राजेश ने भी कृष्णा की मदद की। उसने अपनी परिचित महिला अल्का अरविंद पंचाड़े (अमरावती) से संपर्क कर कृष्णा की पत्नी को बेचने का प्लान बनाया। अल्का की छोटी बहन गुजरात में रहती है। तुरंत उसने अपनी बहन को जानकारी दी और राजकोट निवासी बीरेन वल्लभभाई भीमाने से 5 लाख रुपए में सौदा तय किया। एक माह पहले ही कृष्णा अपनी पत्नी व दोस्त के साथ अमरावती आया और अल्का पांचाड़े के घर जाकर अपनी पत्नी का परिचय भीमाने से कराया। उसी दिन काली माता मंदिर में कृष्णा ने पत्नी की शादी बीरेन से करा दी। किसी परिचित वकील के पास जाकर नोटरी भी कर दी।
मॉडल रेलवे स्टेशन का हाल, एंबुलेंस नदारद
एक तरफ रेलवे मॉडल स्टेशनों की बात करता है, वहीं दूसरी तरफ आधुनिक सुविधाओं का अभाव उसके इस दावे की पोल खोल देता है। मंगलवार को ओखापुरी एक्सप्रेस में सफर कर रहे व्यक्ति की मौत के बाद शव बडनेरा रेलवे स्टेशन पर उतारा गया और वहां से दूसरी ट्रेन से अमरावती लाया गया। लेकिन इस मॉडल स्टेशन पर न तो शववाहिनी की सुविधा थी और न कोई अन्य वाहन उपलब्ध था। रेलवे कर्मी शव को स्ट्रेचर पर पैदल ही करीब आधा किलोमीटर दूर स्थित इर्विन अस्पताल के शवगृह ले गए।
जानकारी के मुताबिक मध्यप्रदेश के बरवानी जिले के अंजुड़ गांव निवासी अर्जुन नाईक (50) अपने मित्र के साथ सफर कर रहे थे। चलती ट्रेन में उनकी मौत हो गयी। आनन फानन में रेल प्रशासन ने बडनेरा रेलवे स्टेशन पर शव को उतारा और दूसरी ट्रेन से अमरावती लाया। हैरानी तब हुई जब अमरावती ‘मॉडल’ रेलवे स्टेशन पर शववाहिनी ही मौजूद नहीं थी। सफाई कर्मियों ने स्ट्रेचर पर शव को पैदल ही शवगृह पहुंचाया। इस घटना से मॉडल रेलवे स्टेशन पर मौजूद सुविधाओं के दावे की पोल खुल गई।





