भारी हंगामे के बीच विधानसभा में ऑडियो क्लिप पेश, CM बोले- होगी जांच

मुंबई. एमएसआरडीसी के उपाध्यक्ष-प्रबंध निदेशक और नागपुर-मुंबई समृद्धि महामार्ग के परियोजना प्रमुख राधेश्याम मोपलवार के भ्रष्टाचार से जुड़े कथित ऑडियो क्लिप का मुद्दा बुधवार को विधानमंडल के दोनों सदनों में गूंजा। विपक्ष के हंगामे के कारण विधान परिषद कि कार्यवाही एक बार तो विधानसभा की कार्यवाही चार बार स्थगित करनी पड़ी। विपक्ष आरोपी अधिकारी की गिरफ्तारी की मांग कर रहा था।

वहीं, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मोपलवार पर लगे आरोपों की जांच एक माह के भीतर पूरी किए जाने का आश्वासन दिया। कहा कि बातचीत की रिकॉर्डिंग की जांच के लिए सीडी को फॉरेंसिक लैब भेजा जाएगा। मोपलवार की कथित ऑडियो सीडी दिखाते हुए विपक्षी नेताओं ने उन्हें तुरंत निलंबित करने की मांग की।
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जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस चैनल ने सीडी चलाई वह खुद कह रहा है कि उसने इसकी जांच नहीं की है। इसलिए फारेंसिक जांच के जरिए आवाज और सीडी सही होने की पुष्टि करना जरूरी है। एक महीने के भीतर मामले की जांच पूरी कर ली जाएगी। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। विधान परिषद में भी विपक्ष के नेता धनंजय मुंडे ने अधिकारी के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की मांग की।
सरकार बताए लोढ़ा कौन ॽ
मुंडे ने मोपलवार की फोन पर हुई बातचीत की 550 ऑडियो क्लिप की सीडी विधान परिषद में रखी। उन्होंने कहा कि क्लिप में मुंबई के नामचीन लोढ़ा और कल्पतरू बिल्डर का भी जिक्र है। इस पर कांग्रेस के विधायक दल के नेता शरद रणपिसे ने कहा कि पिछले साल भाजपा के एक विधायक का स्टिंग ऑपरेशन सामने आया था। उससे पता चला था कि सरकार में बिल्डर लॉबी का कितना दबदबा है। सरकार बताए कि आखिर ये लोढ़ा कौन है?
यदि सरकार मोपलवार को निलंबित नहीं कर सकती तो उनको नागपुर- मुंबई समृद्धि महामार्ग परियोजना की जिम्मेदारी से दूर रखना चाहिए। तभी निष्पक्ष जांच हो सकेगी।
– धनंजय मुंडे, नेता प्रतिपक्ष, विधान परिषद
– धनंजय मुंडे, नेता प्रतिपक्ष, विधान परिषद
मोपलवार की जो क्लिप सामने आई है उसका नागपुर-मुंबई समृद्धि महामार्ग परियोजना से कोई संबंध नहीं है। फिर भी यदि जांच प्रभावित होती होगी तो उनको पद से दूर किया जाएगा। मामले की जांच एक माह में पूरी कर ली जाएगी।
– देवेंद्र फडणवीस, मुख्यमंत्री
– देवेंद्र फडणवीस, मुख्यमंत्री





