दोस्ती या सिर्फ मतलब? अगर दिखें ये 6 लक्षण, तो समझ लीजिए आप सिर्फ एक ‘ऑप्शन’ हैं

हम सब कुछ करते हैं, पर बदले में हमें वो अहमियत नहीं मिलती जिसके हम हकदार हैं। इसे ही अंग्रेजी में ‘टेकन फॉर ग्रांटेड’ लेना कहते हैं- यानी सामने वाले को लगने लगता है कि आप तो कहीं जाने वाले नहीं हैं, इसलिए वो आपकी कद्र करना बंद कर देता है।
अगर आपको भी अपनी दोस्ती में कुछ ऐसा ही महसूस हो रहा है, तो इन 6 संकेतों (Fake friendship signs) पर जरूर गौर करें। ये इस बात का इशारा हो सकते हैं कि आपका दोस्त आपको ‘टेकन फॉर ग्रांटेड’ ले रहा है।
सिर्फ जरूरत पड़ने पर याद करना
क्या आपका दोस्त आपको तभी कॉल या मैसेज करता है जब उसे आपसे कोई काम होता है? चाहे वो किसी प्रोजेक्ट में मदद हो, पैसे उधार लेने हों, या बस अपनी कोई परेशानी सुनानी हो। अगर आपका दोस्त सिर्फ अपने ‘मतलब’ के समय आपके पास आता है और काम निकलते ही गायब हो जाता है, तो यह एक बहुत बड़ा रेड फ्लैग है।
आपके समय की कोई कद्र न होना
आप दोनों ने मिलने का प्लान बनाया, आप समय पर पहुंच गए, लेकिन आपका दोस्त या तो घंटों लेट आता है या फिर ऐन मौके पर प्लान कैंसिल कर देता है। अगर ऐसा एक-दो बार हो, तो समझा जा सकता है। लेकिन अगर यह उनकी आदत बन चुकी है और उन्हें इसका कोई पछतावा भी नहीं होता, तो इसका सीधा मतलब है कि उनके लिए आपके समय की कोई कीमत नहीं है।
बातचीत का सिर्फ ‘वन-वे ट्रैफिक’ होना
जब आप दोनों बात करते हैं, तो क्या हमेशा टॉपिक सिर्फ उनकी जिंदगी, उनकी परेशानियां और उनकी खुशियां ही होती हैं? जब वे अपनी बात कह रहे होते हैं तो आप घंटों सुनते हैं, लेकिन जैसे ही आप अपनी कोई परेशानी या बात शेयर करना शुरू करते हैं, तो वे या तो फोन काटने का बहाना ढूंढ लेते हैं या टॉपिक बदल देते हैं। सच्ची दोस्ती में दोनों की बातों को बराबर अहमियत मिलनी चाहिए।
आपकी कोशिशों के लिए कोई ‘थैंक यू’ न होना
आप उनके जन्मदिन पर सरप्राइज प्लान करते हैं, उनके बुरे वक्त में उनके साथ खड़े रहते हैं और उनकी हर छोटी-बड़ी खुशी का ख्याल रखते हैं। लेकिन क्या वो कभी आपकी इन कोशिशों की तारीफ करते हैं? अगर आपके दोस्त ने आपकी अच्छाई को आपकी ‘ड्यूटी’ मान लिया है और वे आपके छोटे से छोटे काम के लिए भी आभार जताना भूल गए हैं, तो वे आपको ‘टेकन फॉर ग्रांटेड’ ले रहे हैं।
हमेशा आपको ही पहल करनी पड़े
जरा सोचिए, अगर आप आज उन्हें मैसेज करना या कॉल करना बंद कर दें, तो क्या वो सामने से आपसे बात करेंगे? अगर हमेशा आप ही बात शुरू करते हैं, आप ही मिलने के प्लान बनाते हैं और झगड़ा होने पर आप ही हर बार पहले माफी मांगते हैं, तो समझ लीजिए कि इस रिश्ते का पूरा बोझ सिर्फ आपके कंधों पर है।
आपकी फीलिंग्स का मजाक उड़ाना
जब आप उन्हें बताते हैं कि उनकी किसी बात या हरकतों से आपको बुरा लगा है, तो वो आपको समझने के बजाय आप ही को गलत ठहरा देते हैं। “तुम तो बहुत ज्यादा सोचते हो” या “तुम छोटी-छोटी बातों का बुरा मान जाते हो” जैसी बातें बोलकर वे आपकी भावनाओं को नजरअंदाज कर देते हैं। एक सच्चा दोस्त कभी भी आपकी फीलिंग्स को छोटा महसूस नहीं कराएगा।
क्या करें?
अगर आपको अपनी दोस्ती में ये संकेत नजर आ रहे हैं, तो इसका मतलब यह नहीं है कि आपको तुरंत दोस्ती तोड़ देनी चाहिए। सबसे पहले अपने दोस्त से खुलकर बात करें और उन्हें बताएं कि आप कैसा महसूस कर रहे हैं। कई बार सामने वाले को अपनी गलती का एहसास ही नहीं होता, लेकिन अगर बात करने के बाद भी उनका रवैया नहीं बदलता है, तो अपनी मेंटल पीस के लिए एक दायरा तय करना जरूरी है।





