क्या आपका रिश्ता भी पहुंच गया है टूटने की कगार पर?

कोई भी रिश्ता रातों-रात खत्म नहीं होता, वह धीरे-धीरे कमजोर होता है और फिर दम तोड़ देता है। हालांकि, कई बार लोग समझ नहीं पाते कि उनका रिश्ता कमजोर हो रहा है या खत्म होने की कगार पर पहुंच चुका है।
किसी भी रिलेशनशिप के खत्म होने से पहले, उसमें कई संकेत दिखाई देते हैं, जो चीख-चीखकर बताते हैं कि इस रिश्ते का कोई भविष्य नहीं बचा है, लेकिन लोग इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं। आइए सीनियर साइकोलॉजिस्ट डॉ. मोनिका शर्मा से जानते हैं कुछ ऐसे संकेतों के बारे में जो बताते हैं कि आपका रिश्ता टूटने की कगार पर पहुंच चुका है।
इमोशनल दूरी
जब दो लोग एक-दूसरे से दूर होने लगते हैं, तो वे अपनी रोजमर्रा की बातें, सुख-दुख या बातें शेयर करना बंद कर देते हैं। गहरी और मायने रखने वाली बातचीत की जगह हां, ना या मैं ठीक हूं जैसे रूखे जवाब ले लेते हैं। बातचीत की कमी रिश्ते के खोखलेपन को दिखाती है।
लगातार और बेवजह के झगड़े
रिश्ते में मतभेद होना सामान्य है, लेकिन जब छोटी-छोटी बातों पर रोज महाभारत होने लगे और हर बात सिर्फ नेगेटिविटी के साथ हो, तो यह खतरे की घंटी है। सबसे बड़ी बात यह होती है कि दोनों में से कोई भी पार्टनर झगड़े को सुलझाने या माफी मांगने की कोशिश नहीं करता।
साथ समय बिताने से बचना
एक-दूसरे से मिलने के प्लान को बार-बार कैंसिल करना, काम या दोस्तों का बहाना बनाना या फिर शारीरिक रूप से साथ होते हुए भी मानसिक रूप से दूर महसूस करना यह बताता है कि अब आप एक-दूसरे की कंपनी में खुश नहीं हैं।
रोमांटिक कनेक्शन खत्म होना
रिश्ते में प्यार जताने के तरीके, जैसे- हाथ पकड़ना, गले लगाना या फिजिकल इंटिमिसी अचानक से बेहद कम या पूरी तरह खत्म हो जाते हैं।
सम्मान की कमी
प्यार के बिना रिश्ता कुछ समय चल सकता है, लेकिन सम्मान के बिना नहीं। जब पार्टनर एक-दूसरे की भावनाओं, समय या कोशिशों की कद्र करना बंद कर देते हैं और बात-बात पर ताने मारना या नीचा दिखाना शुरू कर देते हैं, तो रिश्ता दम तोड़ने लगता है।
ये संकेत भी हैं गेभीर
फ्यूचर प्लानिंग पर बात न करना- भविष्य से जुड़े फैसलों पर चर्चा पूरी तरह बंद हो जाना भी संकेत देता है कि रिश्ता दम तोड़ रहा है।
अकेले होने पर सुकून मिलना- जब पार्टनर के पास न होने पर आपको ज्यादा खुशी, शांति या राहत महसूस होने लगे।
सिर्फ कमियां नजर आना- आपको अपने पार्टनर की हर अच्छी बात भूलकर सिर्फ उनके भीतर कमियां और चिढ़ पैदा करने वाली आदतें ही दिखने लगती हैं।
रिश्ते को सुधारने की कोशिश न करना- जब दोनों में से कोई भी रिश्ते को बचाने के लिए बात करने, समझौता करने या थेरेपी लेने की कोशिश तक नहीं करना चाहता।
ऐसे में क्या करें?
शांत रहकर बात करें- बिना किसी तरह का आरोप लगाए अपने पार्टनर के सामने अपनी चिंताएं रखें।
वजह समझने की कोशिश करें- कई बार स्ट्रेस, काम का दबाव या पर्सनल परेशानियां भी इंसान को ऐसा बना देती हैं। ऐसे में पार्टनर को थोड़ा समय दें।
प्रोफेशनल मदद लें- अगर आप दोनों रिश्ते को बचाना चाहते हैं, तो कपल्स काउंसलिंग या थेरेपिस्ट की मदद जरूर लें।
अगर आपके रिश्ते में इनमें से केवल एक या दो संकेत ही दिख रहे हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है, इसे आपसी बातचीत से ठीक किया जा सकता है। हालांकि, अगर ये संकेत लंबे समय से बने हुए हैं और दोनों तरफ से सुधार की कोई उम्मीद नहीं है, तो आगे बढ़ने का फैसला लेना ही सही है।





