हरियाली भरे साज-श्रंगार के साथ फैशन का जलवा

लखनऊ। सावन माह में हरियाली के साथ सौभाग्य व सुख-समृद्धि के पर्व हरियाली तीज पर युवतियों व महिलाओं ने व्रत रखकर पूजा-अचर्ना की।
मंजुलिक अस्थाना व नीलम पंवारयुवतियों ने मनवांछित वर और महिलाओं के अखंड सौभाग्य के साथ घर में सुख-समृद्धि और कोराेना संक्रमण से मुक्ति के लिए प्रार्थना की।
संगीता सिंहमंदिरों व घरों पर सावन के गीतों व भजनों के साथ भगवान बालकृष्ण को पालने में झुलाया। हरियाली तीज पर पिछले साल जैसी रौनक मंदिरों व बगीचों में देखने को नहीं मिली।
रूबी राजसुहागिनों ने अखंड सौभाग्य व परिवार की सुख-समृद्धि के लिए तो युवतियों ने मनवांछित वर की प्राप्ति के लिए व्रत रखा।
शशि सिंहहरियाली तीज पर महिलाओं ने सोलह श्रृंगार किए और जिनकी शादी इसी साल हुई है और पहली हरियाली तीज का व्रत है, उन्होंने अपने मायके से आए हुए नए वस्त्र पहने।
रीना अग्रवालमंदिरों में झूले डालकर भगवान को झुलाया गया। घरों में भी झूलों में भगवान को झुलाकर उनका पूजन किया गया।
अंतरा, मनी और जूलीइस दिन हुआ था शिव पार्वती का मिलन
शिव पुराण के अनुसार हरियाली तीज के दिन भगवान शिव और माता पार्वती का पुनर्मिलन हुआ था इसलिए सुहागन स्त्रियों के लिए इस व्रत की बड़ी महिमा है।
पल्लवी और निवेदिताइस दिन महिलाएं महादेव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना करती हैं।
नुपुर और नैनाहरे रंग का महत्व
हरियाली तीज के दिन महिलाएं सुबह घर का काम करने के बाद श्रृंगार करती हैं और निर्जला व्रत रखती हैं। विधि-विधान से भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करके हरियाली तीज की कथा सुनती हैं।
मनी तिवारीसावन मास में चारों तरफ हरियाली होने के कारण हरे रंग का इस पर्व में विशेष महत्व है। सावन के दौरान सृष्टि में परिवर्तन की प्रक्रिया होती है. इसके अलावा शिव और पार्वती माता प्रकृति के बेहद करीब रहते हैं और उन्हें पृथ्वी का हरा रंग बहुत पसंद है।

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