इन 12 ज्योर्तिलिंग में स्वयं विराजमान हैं भगवान शंकर, करें सभी के दर्शन, मिलेगा आशीर्वाद…

4 मार्च, सोमवार को महाशिवरात्रि का त्योहार है। शिवभक्त इस त्योहार को बड़े ही धूमधाम के साथ मनाते हैं। सुबह से ही मंदिरों में शिवभक्तों की भीड़ जुटना आरम्भ हो जाती है। महाशिवरात्रि के अवसर पर हम आपको 12 ज्योर्तिलिंग के दर्शन कराते है जहां पर शिव स्वयं ज्योति रूप में विराजमान है।
सोमनाथ ज्योर्तिलिंग
सोमनाथ को पहला ज्योर्तिलिंग माना जाता है। यह मंदिर गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र में स्थित है।
मल्लिकार्जुन ज्योर्तिलिंग
आन्ध्र प्रदेश के कृष्णा नदी के तट पर एक पर्वत पर यह शिव मंदिर स्थित है। कहते हैं जो यहां आ कर दर्शन करता है, उसको अपने सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है।
महाकालेश्वर ज्योर्तिलिंग
यह ज्योर्तिलिंग मध्य प्रदेश के उज्जैन में शिप्रा नदी के तट पर है। कहा जाता है कि यह एकमात्र ज्योर्तिलिंग है जो दक्षिणमुखी है।
ओंकारेश्वर ज्योर्तिलिंग
नर्मदा नदी के तट पर स्थित इस ज्योर्तिलिंग का अपना ही महत्व है। माना जाता है कि पहाड़ के चारों ओर नदी बहने से यहां ऊं का आकार बनता है और इसी कारण इसे ओंकारेश्वर नाम से पुकारते हैं।
केदारनाथ ज्योर्तिलिंग
उत्तराखंड की पहाड़ियों में भगवान शिव केदारनाथ ज्योर्तिलिंग के रूप में विराजमान हैं। केदारनाथ का महत्व कैलाश जितना ही है।
भीमाशंकर ज्योर्तिलिंग
यह ज्योर्तिलिंग महाराष्ट्र के पुणे जिले में है। कहा जाता है कि जो व्यक्ति यहां सूर्योदय से पहले दर्शन कर लेता है उसको स्वर्ग मिलता है।
काशी विश्वनाथ ज्योर्तिलिंग
शिव के प्रिय स्थान काशी में गंगा के किनारे बना है काशी विश्वनाथ का मंदिर। इस ज्योर्तिलिंग के बारे में कहा जाता है कि इसकी रक्षा खुद भगवान शिव करते हैं। लोगों का कहना है कि प्रलय आने के बाद भी इस शहर को कुछ नहीं होगा।
त्र्यंबकेश्वर ज्योर्तिलिंग
महाराष्ट्र के नासिक जिले में ब्रह्मागिरी पर्वत के निकट बने शिव के इस ज्योर्तिलिंग का काफी महत्व है। यहां लिंग को हीरे और सोने के ताज से सजाया गया है।
वैद्यनाथ ज्योर्तिलिंग
झारखंड में स्थित वैद्यनाथ धाम को शिव भक्त काफी मानते हैं। सावन के दौरान यहां जल चढ़ाने के लिए भक्तों का बड़ा हूजूम उमड़ता है।
नागेश्वर ज्योर्तिलिंग
नागों के ईश्वर को नागेश्वर कहते हैं और शिव नागों के देवता हैं। कहते हैं जो नागेश्वर ज्योर्तिलिंग आ कर दर्शन करता है उसकी सभी मनोकामना पूरी हो जाती है।
रामेश्वरम ज्योर्तिलिंग
हिंदुओं के चार धामों में से एक रामेश्वरम ज्योर्तिलिंग के बारे में मान्यता है कि इसकी स्थापना खुद श्रीराम ने की थी। यह तमिल नाडु के रामेश्वरम द्वीप पर स्थित है।





