नए CBI निदेशक आरके शुक्ला ने संभाला पदभार, कांग्रेसी मंत्री ने कहे अपशब्द

केंद्र सरकार और पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार के बीच जारी तनातनी के बीच सीबीआई के नए निदेशक ऋषि कुमार शुक्ला ने सोमवार सुबह कार्यभार संभाल लिया है। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने शनिवार को ऋषि कुमार शुक्ला को नया सीबीआई चीफ बनाया था। ऋषि कुमार शुक्ला 1983 बैच के आईपीएस ऑफिसर हैं। नया सीबीआई प्रमुख चुनने वाली समिति में पीएम मोदी के अलावा चीफ जस्टिस रंजन गोगोई और लोकसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे भी शामिल थे। 
रविवार को सिंह ने कहा कि “शुक्ला अयोग्य, असफल अफसर हैं। मैं समझता था कि वह ग्वालियर-चंबल संभाग के शेर होंगे, लेकिन मैंने पाया कि भेड़िया शेर की खाल में बैठा है।”
खड़गे की असहमति
समिति ने 10 जनवरी को आलोक वर्मा को सीबीआई निदेशक के पद से हटा दिया था। हालांकि खड़गे ने इस पर अपनी असहमति जताई थी। कार्मिक मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार मध्यप्रदेश पुलिस के पूर्व प्रमुख ऋषि कुमार शुक्ला को दो साल के तय कार्यकाल के लिए सीबीआई का निदेशक नियुक्त किया गया। 1983 बैच के मध्यप्रदेश काडर के आईपीएस अधिकारी फिलहाल मध्यप्रदेश पुलिस आवास निगम के अध्यक्ष हैं।
वहां, समिति में शामिल कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरके शुक्ला के चयन पर असहमति जताते हुए पीएम को पत्र लिखा है। उनका कहना है कि आरके शुक्ला को करप्शन से जुड़े मामलों की जांच का अनुभव कम है।
शुक्रवार को हुई लंबी बैठक
सीबीआई निदेशक के चयन के लिए प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली चयन समिति की शुक्रवार शाम हुई लंबी बैठक में कई नामों पर चर्चा हुई थी। बैठक में कांग्रेस नेता की आपत्ति को दरकिनार कर समिति ने तीन नामों की सिफारिश नियुक्ति संबंधी कैबिनेट कमेटी (सीसीए) को भेज दी थी। शनिवार को नए निदेशक के के रूप में ऋषि कुमार शुक्ला के नाम का एलान हो गया।
सीबीआई प्रमुख के लिए सेलेक्शन कमिटी ने पांच नाम तय किए थे। ये नाम थे- 1983 बैच के एमपी के डीजीपी रहे आरके शुक्ला, 1983 बैच के डीजी सीआरपीएफ आरआर भटनागर, 1984 बैच के स्पेशल सीबीआई डायरेक्टर अरविंद कुमार, डायरेक्ट एनसीएफएस जावेद अहमद और डीजी बीपीआर एपी महेश्वरी। इनमें आरके शुक्ला के नाम पर मुहर लगी।





