रिक्शा-टैक्सी चालकों को मराठी सिखाने के लिए महाराष्ट्र में 4500 शिक्षकों की नियुक्ति

महाराष्ट्र के गैर-मराठी रिक्शा और टैक्सी चालकों को मराठी भाषा आसानी से बोलने, समझने और दैनिक व्यवहार में प्रभावी रूप से उपयोग करने योग्य बनाने के लिए परिवहन विभाग द्वारा व्यापक मराठी शिक्षण अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत पूरे राज्य में करीब 4500 शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी, ऐसी घोषणा परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने की है ।
मुंबई में आयोजित रिक्शा-टैक्सी यूनियनों की बैठक में मंत्री सरनाईक ने यह महत्वपूर्ण निर्णय घोषित किया है। उन्होंने कहा कि राज्य की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में कार्यरत गैर-मराठी चालकों के लिए मराठी भाषा का ज्ञान समय की आवश्यकता बन गया है।
यात्रियों से संवाद आसान बनाने पर जोर
महाराष्ट्र के मुंबई, पुणे, ठाणे, नाशिक सहित अन्य बड़े शहरों में बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों से आए चालक रिक्शा और टैक्सी व्यवसाय में कार्यरत हैं। कई बार भाषा की समस्या के कारण यात्रियों और चालकों के बीच संवाद में कठिनाई होती है। सरकार का मानना है कि यह मराठी शिक्षण अभियान इस समस्या को दूर करने में सहायक साबित होगा।
4500 शिक्षकों के माध्यम से प्रशिक्षण
इस पहल के तहत नियुक्त किए जाने वाले शिक्षक विभिन्न शहरों के रिक्शा-टैक्सी स्टैंड, यूनियन कार्यालयों और प्रशिक्षण केंद्रों में जाकर चालकों को प्राथमिक से लेकर व्यवहारिक मराठी का प्रशिक्षण देंगे। इसमें दैनिक बातचीत, ग्राहकों से संवाद, रास्ता पूछना, किराया संबंधी व्यवहार तथा सरकारी सूचनाओं को समझने जैसी बातों पर विशेष जोर दिया जाएगा।
रिक्शा-टैक्सी यूनियनों से सहयोग की अपील
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने रिक्शा-टैक्सी यूनियनों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की। उन्होंने कहा कि चालकों को प्रशिक्षण के लिए प्रोत्साहित करना, कक्षाओं के लिए स्थान उपलब्ध कराना और अभियान को सफल बनाने के लिए सहयोग करना आवश्यक होगा।
मराठी भाषा और रोजगार का समन्वय
राज्य सरकार का यह उपक्रम केवल भाषा शिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि मराठी भाषा और रोजगार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का प्रयास भी माना जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक सेवा में कार्यरत चालकों को स्थानीय भाषा का ज्ञान होने से यात्रियों का विश्वास बढ़ेगा और सेवाएं अधिक सुगम होंगी।
जल्द शुरू होगी अमल प्रक्रिया
इस अभियान को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। परिवहन विभाग की ओर से जल्द ही शिक्षक भर्ती, पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण कार्यक्रम से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाने की जानकारी दी गई है।





