अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस: सीएम यादव बोले- योग स्वस्थ, जागरूक और विकसित भारत की आधारशिला

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने वाली जीवनशैली है। उन्होंने कहा कि भारत की प्राचीन योग परंपरा आज पूरी दुनिया को स्वस्थ और संतुलित जीवन का मार्ग दिखा रही है और यह देश की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत का वैश्विक स्वरूप बन चुकी है। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गीता में दिए गए “समत्वं योग उच्यते” और महर्षि पतंजलि के योग दर्शन ने मानव जीवन को संतुलन और स्वास्थ्य का अमूल्य सूत्र प्रदान किया है।
आज योग विश्वभर में करोड़ों लोगों के जीवन का हिस्सा बन चुका है और मानव कल्याण का प्रभावी माध्यम बन रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता दी, जिसके बाद योग का वैश्विक विस्तार अभूतपूर्व रूप से हुआ है। इस वर्ष योग दिवस की थीम “स्वस्थ आयु के लिए योग” रखी गई है, जो लोगों को निरोग और सक्रिय जीवन अपनाने की प्रेरणा देती है।
‘घर-घर योग, हर व्यक्ति निरोग’ अभियान को मिल रहा जनसमर्थन
डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार योग को जन-आंदोलन बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। प्रदेश में “घर-घर योग, हर व्यक्ति निरोग” अभियान के माध्यम से नागरिकों को योग से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। 800 से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों तथा विभिन्न अस्पतालों में नियमित योग गतिविधियां संचालित हो रही हैं। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षित योग शिक्षक, योग-दूत और योग-सखियां गांवों से लेकर शहरी क्षेत्रों तक लोगों को योग के प्रति जागरूक कर रहे हैं।
12 मई से शुरू हुए योग जागरूकता अभियान के तहत व्यापक जनभागीदारी देखने को मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में इंदौर की मालवांचल यूनिवर्सिटी में आयोजित योग महोत्सव के दौरान 35 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने सामूहिक योगाभ्यास कर नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया। यह उपलब्धि प्रदेश में योग के प्रति बढ़ते उत्साह और जागरूकता का प्रमाण है।
योग और पर्यावरण संरक्षण को जोड़ा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने योग को पर्यावरण संरक्षण से भी जोड़ा है। विश्व पर्यावरण दिवस से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस तक विशेष जन-अभियान चलाया जा रहा है। “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य संवर्धन के दोहरे लक्ष्य पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि योग प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण जीवन जीने की प्रेरणा देता है।
जनवरी 2027 में होगा वैश्विक योग सम्मेलन
डॉ. यादव ने जानकारी दी कि जनवरी 2027 में मध्यप्रदेश में “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य और एक चेतना : समग्र कल्याण के लिए योग” विषय पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन के माध्यम से प्रदेश भारतीय सभ्यता और योग दर्शन के वैश्विक संदेश को दुनिया तक पहुंचाने का कार्य करेगा।
योग को बनाएं दैनिक जीवन का हिस्सा
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव, अवसाद और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे समय में योग स्वस्थ शरीर, शांत मन और सकारात्मक जीवन का सबसे प्रभावी साधन है। उन्होंने युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, विद्यार्थियों, शासकीय कर्मचारियों और सामाजिक संगठनों से योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने और दूसरों को भी इससे जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ मध्यप्रदेश, विकसित भारत और समृद्ध विश्व के निर्माण के लिए योग को जन-जन तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है।





