सदियों पुराना ज्ञान होगा डिजिटल: हरियाणा ने पोर्टल पर अपलोड कीं 27,587 पांडुलिपियां

हरियाणा ने ज्ञान भारतम मिशन तहत अब तक कुल 27,587 पांडुलिपियां अपलोड की हैं। यह राज्य की समृद्ध बौद्धिक, सांस्कृतिक और दस्तावेजी विरासत के संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम है। राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने कहा कि पांडुलिपियों का संरक्षण केवल अभिलेखीकरण तक सीमित नहीं है बल्कि यह सदियों पुराने ज्ञान, परम्पराओं और सांस्कृतिक मूल्यों को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने का महत्वपूर्ण प्रयास है।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहल भारत की समृद्ध बौद्धिक विरासत को संरक्षित करने के साथ-साथ शोधकर्ताओं और विद्वानों के लिए इसे अधिक सुलभबनाएगी। मुख्य सचिव ने विभिन्न जिलों में चल रहे सर्वेक्षण कार्य का

आकलन किया और सभी विभागों को जन-जागरूकता और दस्तावेजीकरण के प्रयासों में और तेजी लाने के निर्देश दिए।

बैठक में बताया गया कि राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण के क्रियान्वयन के लिए अभिलेखागार विभाग को राज्य नोडल विभाग नामित किया गया है। सर्वेक्षण प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए सभी जिलों में जिला स्तरीय समितियां और नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए गए हैं।

अभिलेखागार विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. साकेत कुमार ने बताया कि सर्वेक्षण की प्रगति सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी और जिला स्तर पर समन्वय किया जा रहा है। जिलों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए कुरुक्षेत्र ने अब तक ज्ञान भारतम पोर्टल पर 15,818 पांडुलिपियां अपलोड की हैं।

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