शिअद की कोर कमेट की प्रस्ताव- 1984 के सिख कत्लेआम से जुड़े गवाहों, वकीलों का होगा सम्मान

शिअद ने सज्जन कुमार के खिलाफ अदालत के फैसले के बाद 1984 के सिख कत्लेआम से जुड़े गवाहों और वकीलों का सम्मान करने का फैसला किया है। एजीपीसी की ओर से 26 दिसंबर को श्री अकालतख्त साहिब पर सभी को सम्मानित किया जाएगा। यह प्रस्ताव शिरोमणि अकाली दल की कोर कमेटी की बैठक में पास किया गया।
बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए सुखबीर ने कहा कि राहुल गांधी यह बताएं कि वह जगदीश टाइटलर को निकालेंगे। कमलनाथ को सीएम पद से हटाएंगे। या फिर इनके खिलाफ अदालत का फैसला आने का इंतजार करेंगे। राहुल लोगों को बताएं कि कुछ समय पहले उन्होंने लोगों को यह कह कर गुमराह क्यों किया था कि कत्लेआम में कोई कांग्रेस नेता शामिल नहीं था। ऐसा लगता है कि राहुल आरोपियों पर कार्रवाई करने से इसलिए डर गए क्योंकि उन्हें लगता था कि ये लोग भंडाफोड़ देंगे। यह बता देंगे कि किस तरह राजीव गांधी ने अपने संचालन में सिखों का सामूहिक कत्लेआम किया था।
दिल्ली हाईकोट द्वारा यह कहने के बाद कि सज्जन कुमार राजनीतिक संरक्षण की वजह से 34 साल तक बचता रहा, चुनाव आयोग को कांग्रेस की मान्यता रद करनी चाहिए। 2014 में शिअद ने पीएम नरेंद्र मोदी से कत्लेआम के सभी केस दोबारा खोलने की मांग की थी। जिस कारण सजाएं हो चुकी हैं। कोर कमेटी ने उन गवाहों की सराहना की जो कांग्रेसियों की धमकियों की परवाह किए बगैर डटे रहे। एसजीपीसी प्रधान गोबिंद सिंह लोंगोवाल केसुझाव पर गवाहों जगदीश कौर, निरप्रीत कौर व जगसीर सिंह और वकीलों एचएस फूलका, आरएस चीमा व गुरबख्श सिंह और उनकी टीमों को 26 दिसंबर को श्री अकालतख्त साहिब में जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह द्वारा सम्मानित करने का फैसला किया गया। पंचायत चुनाव में गड़बड़ी केलिए कांग्रेस की निंदा की गई।





