ट्रंप प्रशासन ने कहा- लश्कर और तालिबान हैं अमेरिका के लिए खतरा, पाक करे कार्रवाई
व्हाइट हाउस ने कहा कि इस सप्ताह पाक विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के साथ पहले की तरह इस बार भी पाक को अमेरिकी सुरक्षा सहायता निलंबित रहने के संबंध में वार्ता की गई। अमेरिका ने स्पष्ट कर दिया है कि मदद के लिए पाक को अपनी जमीन पर पोषित आतंकवादियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करनी पड़ेगी। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो और एनएसए जॉन बोल्टन ने भी कुरैशी को इस बारे में चेताया है। आतंकवाद के खिलाफ राष्ट्रीय रणनीति के तहत अमेरिका ने कहा कि बोको हराम, टीटीपी और लश्कर-ए-ताइबा जैसे संगठन कभी भी बड़े आतंकी हमले कर सकते हैं।
व्हाइट हाउस ने कहा कि पाक आतंकी संगठन न सिर्फ स्थानीय सरकार और प्रशासन को कमजोर करने के लिए काम कर रहे हैं बल्कि अमेरिका को भी इनसे खतरा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि लश्कर, तालिबान और बोको हराम जैसे संगठन संसाधनों की कमी या राजनीतिक विचारधाराओं के चलते अमेरिका के खिलाफ हमले में क्षेत्रीय लक्ष्यों को प्राथमिकता देंगे।
नए हमलों की साजिश में जुटे हैं आतंकी गुट : रिपोर्ट
अमेरिकी रणनीतिक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाक और अफ्रीकी आतंकी गुट नए हमलों की साजिश भी कर रहे हैं। ये आतंकी गुट अपने देश के भीतर हिंसा भड़काने के लिए संदिग्ध लोगों को प्रेरित करने में जुटे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक इस्लामिक आतंकी गुटों ने अमेरिका के आतंकवाद निरोधक प्रयासों को चुनौती दी है, जिसमें अपने सुरक्षित ठिकानों में संस्थान स्थापित करना, विस्फोटक उपकरणों की तैनाती और कट्टरपंथियों की भर्ती के लिए मीडिया का इस्तेमाल करना शामिल है।





