इस बड़ी वजह से मां बनने वाली महिला को कभी नहीं बतानी चाहिये डिलीवरी की तारीख

कुछ रिसर्चरों का ये भी मानना है कि मां बनने वाली महिला को बच्चे की पैदाइश की सही तारीख नहीं बतानी चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि जैसे-जैसे डिलीवरी की तारीख नजदीक आती जाती है, मां की बेचैनी बढ़ती जाती है। जब तक बच्चा पैदा नहीं हो जाता वो बेचैनी के आलम में रहती है। लिहाजा सही तारीख और वक्त ना बताकर मां को इस तनाव से बचाया जा सकता है।
अगर नियत तारीख बीत जाने के बाद भी प्रसव पीड़ा का कोई संकेत नहीं मिलता, तो बहुत सी महिलाएं देसी नुस्खे अपनाना शुरू कर देती हैं।
अमेरिका में एक सर्वे के मुताबिक, पचास फीसदी महिलाएं तेज मसाले वाले खाने खाना शुरू कर देती हैं। माना जाता है कि तेज मसाले वाले खाने से लेबर पेन यानी बच्चों की पैदाइश के वक्त होने वाला दर्द जल्दी शुरू हो जाता है। हालांकि इस बात का कोई मेडिकल प्रमाण नहीं है। जो महिलाएं पहले से ही तेज मसाले खाती हैं, जरूरी नहीं ये तरकीब उनके लिए भी काम आए।





