दून में स्वाइन फ्लू से 36 वर्षीय व्यक्ति की मौत

- in उत्तराखंड, राज्य

देहरादून: दून के मियांवाला के रहने वाले 36 वर्षीय व्यक्ति की स्वाइन फ्लू से मौत हो गई। दो माह के भीतर प्रदेश में स्वाइन फ्लू से यह तीसरी मौत है। इससे पहले थराली विधायक मगनलाल शाह व लक्खीबाग की एक महिला की स्वाइन फ्लू से मौत हुई थी। मियांवाला में बीमारी और न फैले, इसके लिए ग्रामीणों को प्रतिरोधक दवाइयां दी जा रही हैं। दून में स्वाइन फ्लू से 36 वर्षीय व्यक्ति की मौत

एसीएमओ डॉ. दयाल शरण ने बताया कि मियांवाला निवासी व्यक्ति की कुछ दिन पहले तबीयत खराब हो गई थी। परिजनों से उन्हें एक अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने उनका उपचार शुरू किया, लेकिन उनकी तबीयत बिगड़ती चली गई। इसके बाद परिजनों ने उन्हें श्री महंत इंदिरेश अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी। बुधवार शाम को उनकी मृत्यु हो गई। उन्होंने बताया कि अस्पताल की लैब ने मरीज को स्वाइन फ्लू होने की पुष्टि की है। इसके अलावा जांच के लिए सैंपल दिल्ली भी भेजा गया है। 

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. वाइएस थपलियाल के अनुसार सभी सरकारी व निजी अस्पतालों को स्वाइन फ्लू को लेकर खास एहतियात बरतने के निर्देश दिए जा चुके हैं। उन्हें सख्त हिदायत दी गई है कि कोई भी संभावित मरीज आने पर इसकी सूचना तुरंत विभाग को दें। उन्होंने बताया कि अभी तक 28 संदिग्ध मरीजों के नमूने जांच के लिए एनसीडीसी को भेजे गए थे। जिसमें 21 मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। जबकि छह मरीजों की रिपोर्ट आना बाकी है।

स्वाइन फ्लू के लक्षण 

सर्दी, जुकाम, सूखी खांसी, थकान होना, सिरदर्द और आंखों से पानी आना है। इसके अलावा स्वाइन फ्लू में सांस भी फूलने लगती है। अगर संक्रमण गंभीर है तो बुखार तेज होता जाता है।  

स्वाइन फ्लू के कारण 

इंफ्लूएंजा-ए वायरस के एक प्रकार एच1 एन1 से स्वाइन फ्लू उत्पन्न होता है। यह वायरस साधारण फ्लू के वायरस की तरह ही फैलता है। स्वाइन फ्लू का वायरस बेहद संक्रामक है और एक इंसान से दूसरे इंसान तक फैलता है। जब कोई खांसता या छींकता है तो छोटी बूंदों में से निकले वायरस कठोर सतह पर आ जाते हैं। यह वायरस 24 घंटे तक जीवित रह सकता है। 

बरतें सावधानियां 

– गंभीर बीमारियों से ग्रसित, कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले, सर्दी-जुकाम से पीडि़त, बच्चे और बुजुर्गों को विशेष तौर से सावधानी बरतनी चाहिए।

– इस बीमारी से बचने के लिए स्वच्छता का खासतौर पर ध्यान रखना चाहिए। खांसते और छींंकते समय टिशू से कवर रखें। 

– बाहर से आकर हाथों को साबुन से अच्छे से धोएं और सेनिटाइजर का इस्तेमाल करें। 

– जिन लोगों में स्वाइन फ्लू के लक्षण हों, उन्हें मास्क पहनना चाहिए और घर में ही रहना चाहिए। 

– स्वाइन फ्लू के लक्षण वाले मरीज से संपर्क व हाथ मिलाने से बचें। नियमित अंतराल पर हाथ धोते रहें।

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